नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय आत्महत्या के लिए कथित तौर पर उकसाने के 2018 के मामले में पत्रकार अर्नब गोस्वामी और दो अन्य आरोपियों को अंतरिम जमानत प्रदान करने के संबंध में शुक्रवार को विस्तृत कारण बताएगा.Also Read - 'धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार से जुड़ा है', ज्ञानवापी मामले में अब SC में नई याचिका

शीर्ष अदालत ने गोस्वामी को 11 नवंबर को जमानत दे दी थी. न्यायालय ने कहा था कि ‘‘अगर निजी स्वतंत्रता का हनन हुआ तो यह न्याय पर आघात होगा.’’ न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ शुक्रवार को अपने फैसले के कारणों के बारे में बताएगी. Also Read - VHP का दावा, ज्ञानवापी में मिला कथित शिवलिंग 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक, कहा- हमारे पास काफी तथ्य

शीर्ष अदालत ने मामले में दो अन्य आरोपियों-नीतीश सारदा और फिरोज मोहम्मद शेख को 50-50,000 रुपये के निजी मुचलके पर अंतरिम जमानत दे दी थी और उसने किसी भी प्रकार से सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करने और जांच में सहयोग के लिए कहा था. Also Read - फंस गए गुरु: सिद्धू का नया नाम कैदी नंबर-241383, पटियाला जेल में ऐसे कटी रात, अब पेरौल पर टिकी आस

रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक गोस्वामी ने अंतरिम जमानत देने से इनकार करने के उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दी थी.

(इनपुट भाषा)