नई दिल्ली: कोविड-19 महामारी के चलते पुरी की ऐतिहासिक रथयात्रा पर रोक लगाने वाले अपने आदेश को निरस्त करने के आग्रह पर उच्चतम न्यायालय सोमवार को सुनवाई करेगा. शीर्ष अदालत ने 18 जून को अपने आदेश में कहा था कि जनस्वास्थ्य और नागरिकों की सुरक्षा के हित में पुरी में इस साल रथयात्रा की अनुमति नहीं दी जा सकती और ‘‘यदि हम अनुमति देते हैं तो भगवान जगन्नाथ हमें क्षमा नहीं करेंगे.’’ Also Read - आर्मी में वुमन ऑफिसर्स के स्थायी कमीशन का मामला: SC ने केंद्र को दिया एक माह का समय

रथयात्रा 23 जून से शुरू होनी थी. इसके बाद एक जुलाई को ‘बहुदा जात्रा’ (रथयात्रा की वापसी) शुरू होनी थी. आदेश के एक दिन बाद कुछ लोगों ने न्यायालय में याचिका दायर कर आदेश को निरस्त करने और इसमें संशोधन का आग्रह किया. Also Read - तमिलनाडु सरकार मेडिकल प्रवेश में ओबीसी आरक्षण पर जल्द फैसले को लेकर पहुंची सुप्रीम कोर्ट  

न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट की एकल न्यायाधीश पीठ आवेदनों पर सोमवार को सुनवाई करेगी. याचिका दायर करने वालों में ‘जगन्नाथ संस्कृति जागरण मंच’ भी शामिल है. ओडिशा के पुरी में होने वाले इस उत्सव में पूरी दुनिया से लाखों लोग शामिल होते हैं. Also Read - ICAI CA Exam: आईसीएआई ने सुप्रीम कोर्ट से कहा- सीए परीक्षा के आयोजन की व्यवहार्यता पर करेंगे विचार, जानें कब से होगा एग्जाम

(इनपुट भाषा)