आम्रपाली के प्रोजेक्ट्स में फ्लैट बुक कराने वाले ग्राहकों के हित में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, 10 प्वाइंट्स में जानें सारी बातें

सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली ग्रुप के करीब 42,000 खरीदारों को बड़ी राहत देते हुए एनबीसीसी को लंबित परियोजनाएं पूरी करने का निर्देश दिया है.

Updated: July 23, 2019 1:17 PM IST

By India.com Hindi News Desk

Supreme Court of India
(फाइल फोटो)

Supreme Court Verdict on Amrapali Group: सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली ग्रुप के करीब 42,000 खरीदारों को बड़ी राहत देते हुए सरकारी राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम लिमिटेड (एनबीसीसी) को कंपनी की लंबित परियोजनाएं पूरी करने का निर्देश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली समूह का रीयल एस्टेट नियमन प्राधिकरण (रेरा) के तहत रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है. कोर्ट ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरणों से आम्रपाली की संपत्तियों के लिए मिले पट्टे भी रद्द कर दिए.

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1. न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति उदय यू. ललित की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए आम्रपाली समूह की सभी लंबित परियोजनाओं को पूरा करने के लिए एनबीसीसी को नियुक्त किया है.
2. पीठ ने अधिवक्ता आर. वेंकटरमणी को कोर्ट रिसीवर नियुक्त किया. वेंकटरमणी को आम्रपाली की संपत्तियों के सारे अधिकार मिल जाएंगे.
3. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वेंकटरमणी के पास यह अधिकार रहेगा कि वह बकाया वसूली के लिए आम्रपाली की संपत्तियों की बिक्री के लिए तीसरे पक्ष से करार कर सकेंगे.
4. पीठ ने कहा कि विदेशी विनिमय प्रबंधन अधिनियम (फेमा) तथा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के प्रावधानों का उल्लंघन कर घर खरीदारों के पैसे का हेर-फेर किया गया.
5. न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को आम्रपाली के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अनिल शर्मा तथा कंपनी के अन्य निदेशकों और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किए गए कथित मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) की जांच का भी निर्देश दिया है.
6.सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा के प्राधिकरणों ने आम्रपाली के साथ सांठगांठ करके उसे मकान खरीदारों के पैसे की हेर-फेर करने में मदद की और कानून के हिसाब से काम नहीं किया.
7. न्यायालय ने मकान खरीदारों को राहत देते हुए नोएडा और ग्रेटर नोएडा के प्राधिकरणों से कहा कि वे आम्रपाली समूह की विभिन्न परियोजनाओं में पहले से रह रहे मकान खरीदारों को आवास पूर्ण होने संबंधी प्रमाणपत्र सौंपे.

8. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने परियोजना की प्रगति की निगरानी में लापरवाही बरती.
9. ईडी के लखनऊ कार्यालय ने नोएडा पुलिस के समक्ष कंपनी के खिलाफ कम से कम 16 प्राथमिकी दर्ज होने का संज्ञान लेते हुए इस महीने की शुरुआत में धन शोधन रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है.
10. इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने 28 फरवरी को दिल्ली पुलिस को शर्मा तथा दो अन्य निदेशकों को गिरफ्तार करने की मंजूरी दी थी.

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Published Date: July 23, 2019 12:56 PM IST

Updated Date: July 23, 2019 1:17 PM IST