नई दिल्ली: राजनीति के अपराधीकरण जैसे कोढ़ के इलाज का देश की शीर्ष अदालत द्वारा संसद से आग्रह किए जाने का केंद्र सरकार ने मंगलवार को स्वागत किया, लेकिन साथ ही कहा कि राजनीति से प्रेरित मामलों को ध्यान में रखना होगा. सरकार के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने मंगलवार को शीर्ष अदालत के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि सरकार इस फैसले का विस्तार से अध्ययन करेगी और उसके बाद आगे की कार्रवाई का फैसला किया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में कानून बनाने का फैसला संसद पर छोड़ दिया. Also Read - Diwali Bonus: लॉकडाउन के दौरान समय पर EMI चुकाने वालों को कैशबैक देगी सरकार, जानें क्या है पूरा मामला

सरकार के वरिष्ठ पदाधिकारी ने इस बात को रेखांकित किया कि शीर्ष अदालत द्वारा दिए गए कुछ निर्देशों को पहले ही लागू किया जा चुका है, जिसमें उम्मीदवारों द्वारा उनके खिलाफ दायर आपराधिक मामलों का ब्यौरा हलफनामे में देना भी शामिल है. सरकार की प्रतिक्रिया के बारे में किए गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, इसमें कई मुद्दे शामिल हैं, जिसमें राजनेताओं के खिलाफ राजनीति प्रेरित मामले भी आते हैं. सरकार फैसले का विस्तार से अध्ययन करेगी, लेकिन प्रतिक्रिया पार्टी (बीजेपी) की ओर से आएगी. Also Read - Bank loan Interest Relief: कर्जदारों को केंद्र सरकार का बड़ा दिवाली तोहफा, बैंक से इतने रुपये तक का कर्ज लेने वालों को ब्याज में दी राहत

केंद्र सरकार के सीनियर पदाधिकारी ने कहा कि फैसले का स्वागत है, क्योंकि यह राजनीति को आपराधिक तत्वों से मुक्त कराने के लिए है. सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अपनी एक व्यवस्था में कहा कि राजनीति का अपराधीकरण लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट करता है और इससे नागिरक उन लोगों के हाथों परेशान होते हैं, जो कुछ नहीं बल्कि देश के लिए बोझ हैं. Also Read - Onion Price: 150/KG की कीमत से प्याज हुआ आसमानी, ऊंचाई पर अब लगेगी लगाम

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने कहा कि संविधान के सिद्धांतों की रक्षा करने का संकल्प देने वाले सांविधानिक पदाधिकारियों की यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है कि मौजूदा राजनीतिक संरचना भ्रष्टचार की बुराई से प्रभावित नहीं हो.