सूरत: सूरत के एक चार मंजिला वाणिज्यिक परिसर में शुक्रवार दोपहर आग लगने से एक कोचिंग क्लास के कम से कम 20 छात्रों की मौत हो गई . इनमें से कुछ की इमारत से कूदने की वजह से तो कुछ की दम घुटने से मौत हुई. टीवी चैनलों पर दिखाये जा रहे वीडियो में सरथना इलाके के तक्षशिला परिसर में लगी आग का भयानक मंजर दिखाई दिया, जहां छात्र आग से बचने के लिए तीसरी और चौथी मंजिलों से कूदते नजर आए. गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि आग लगने की घटना में कम से कम 19 छात्रों की मौत हो गयी. हालांकि उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने मृतकों की संख्या 20 बताई थी. Also Read - Gujarat Chief Minister Vijay Rupani: कोरोना वायरस से मुक्त हुए गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, अस्पताल से मिली छुट्टी

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पटेल ने कहा कि प्राप्त जानकारी के अनुसार आग लगने से 20 छात्रों की मौत हो गयी. कई अन्य घायल हो गये और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उन्होंने कहा कि हमने मामले में विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं और दोषी पाए गए किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. पटेल ने कहा कि इमारत में कोचिंग कक्षाएं छत पर एक शेड में चल रही थीं. इस बात की जांच की जाएगी कि निर्माण कार्य अवैध तो नहीं है. सूरत अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि 19 दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया और आग पर काबू पाने के लिए दो हाइड्रोलिक प्लेटफार्म भी बनाए गए.

रूपाणी ने शहरी विकास विभाग के प्रमुख सचिव को तत्काल घटनास्थल पर पहुंचने का आदेश दिया. उन्होंने मृतकों के परिजनों को चार चार लाख रूपए की वित्तीय सहायता मुहैया कराने का ऐलान भी किया है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वह आग त्रासदी से अत्यंत दुखी हैं. मोदी ने ट्वीट किया कि मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं. घायल जल्द स्वस्थ हों. गुजरात सरकार और स्थानीय अधिकारियों से प्रभावितों को हरसंभव मदद मुहैया कराने को कहा है.