Surgical strike Day: आज (28 सितंबर 2020) पूरा देश सर्जिकल स्ट्राइक की चौथी वर्षगांठ मना रहा है. यही वो दिन था, जब भारतीय जवानों ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकवादियों का सफाया किया था और सितंबर 2016 में जम्मू और कश्मीर के उरी में एक सेना शिविर पर हुए घातक हमले का बदला लिया था. भारतीय सरकार द्वारा उठाए इस कदम के बाद पूरा पाकिस्तान हिल गया था. अपने इस कदम के जरिए भारतीय सरकार और भारतीय सेना के जवानों ने पाकिस्तान को बता दिया था कि ये आज का भारत है, जो ना सिर्फ जवाब देना जानता है, बल्कि अपना बदला लेना भी बखूबी जानता है.Also Read - Indian Air Force Airmen Admit Card 2021 Released: CASB IAF ने जारी किया Airmen का एडमिट कार्ड, इस Direct Link से करें डाउनलोड 

सितंबर 2016 उरी के सेना के कैंप पर हुए आतंकी हमले को से पूरे देश में गुस्‍सा था. मीडिया में डिबेट जारी थी, कि आखिर कैसे आंतकवादी हमारे देश में घुसकर हमारे सैनिकों पर हमला कर सकते हैं. विपक्ष भी सरकार को घेरने में लगी थी, लेकिन दूसरी तरफ सेना एक खास ऑपरेशन की तैयारी में लगी थी. उरी हमले का ‘बदला’ लेने की तैयारी में. Also Read - Indian Air Force Recruitment 2021: भारतीय वायु सेना में इन पदों पर आवेदन करने की आज है अंतिम डेट, जल्द करें अप्लाई, लाखों में मिलेगी सैलरी 

भारत ने ठान लिया था कि अब बस, अब और शांति नहीं. सितंबर 2016 के आखिरी दिन चल रहे थे और भारतीय सेना ने पाकिस्तान में घुसकर पाकिस्तान के आकाओं को ऐसा जवाब दिया कि पूरा पाकिस्तान हिल गया. Also Read - राजनाथ सिंह को जम्मू ड्रोन धमाके पर डिजिटल प्रजेंटेशन देगी IAF, कई अधिकारी रहेंगे मौजूद

27-28 सितंबर, 2016 की दरम्यानी रात को भारतीय सेना के विशेष बल के सैनिकों ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) को पार करते हुए पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में प्रवेश किया और एक-एक कर कई आतंकी लॉन्चिंग पैड नष्ट कर दिए.

इस पूरे ऑपरेशन के बाद सेना ने बताया था कि भारतीय सैनिकों ने पीओके में ना सिर्फ छह लॉन्चपैड्स को तबाह किया बल्कि विभिन्न स्थानों पर 45 आतंकवादियों को भी मार गिराया. ये भारत का बदला था, उन 18 जवानों के बलिदान का जिन्हें आतंकवादियों ने अपने छल से 18 सितंबर को उरी के उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में सेना के बेस पर हमला करके मार दिया था.