नई दिल्ली। करीब 21 महीने पहले पीओके में अंजाम दिए गए सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो सामने आते ही सफाई देने का दौर शुरू हो गया है. इस पर सवाल उठाने वाले अब कह रहे हैं कि ये वीडियो सैनिकों की वीरता का फायदा उठाने के लिए जारी किया गया है. एनडीए सरकार में पूर्व मंत्री अरुण शौरी ने इसे लेकर ना सिर्फ सफाई दी बल्कि मोदी सरकार को निशाने पर भी लिया. Also Read - PoK में चीन के खिलाफ नाराजगी बढ़ी, लोगों ने मशाल रैली नि‍कालकर किया भारी विरोध प्रदर्शन

बताया था फर्जीकल स्ट्राइक Also Read - Independence Day 2020: स्वतंत्रता दिवस पर ऐसा रहा पीएम मोदी का लुक, साफे की रही है चर्चा

कुछ दिन पहले ही सैफुद्दीन सोज की किताब के विमोचन के मौके पर शौरी ने सर्जिकल स्ट्राइक को फर्जीकल स्ट्राइक करार दिया था. आज उन्होंने कहा कि उत्तर भारत के चैनल के दो रिपोर्ट्स ने मेरे शब्दों को तोड़-मरोड़ दिया. मैंने इस पर कभी सवाल नहीं उठाया था. जब मैंने फर्जीकल का इस्तेमाल किया तो इसका ये मतलब था कि इसे बढ़ चढ़कर बताया गया जिसने इसे हास्यास्पद बना दिया. Also Read - अर्थव्यवस्था को ‘अनर्थव्यवस्था’ में परिवर्तित कर रही है केंद्र सरकार की नीतियां: कांग्रेस

कहा, प्रोपेगैंडा के लिए हुआ इस्तेमाल

मेरे मन में कभी कोई संदेह नहीं रहा कि सर्जिकल स्ट्राइक हुई. लेकिन इसका इस्तेमाल प्रोपेगैंडा के लिए हुआ और कहा गया कि मेरी छाती 56 इंच की है, मैंने पाकिस्तान को तगड़ा जवाब दिया है. ये गलत है. कल्पना कीजिए कि अटल जी के दौर में सर्जिकल स्ट्राइक हुआ होता और लोग उनसे इसके बारे में पूछते तो वह अपनी आंखों में चमक लाते हुए कहते, क्या वाकई सर्जिकल स्ट्राइक हुआ है? आज हालत ये है कि सरकार की विश्वसनीयत इतनी गिर गई है कि उसे सबूत के लिए वीडियो दिखाना पड़ रहा है.

कांग्रेस भी सरकार पर हमलावर

बता दें कि करीब 21 महीने पहले पीओके में अंजाम दिए गए सर्जिकल स्ट्राइक का नया वीडियो सामने आया है. इसमें दिख रहा है कि किस तरह भारतीय कमांडो पाकिस्तानी आतंकियों और उनके कैंप को तबाह कर रहे हैं. ये सर्जिकल स्ट्राइक 28-19 सितंबर 2016 की अमावस रात को अंजाम दिया गया था. खास बात ये थी कि इसमें कोई भी भारतीय सैनिक हताहत या घायल नहीं हुआ था. ऑपरेशन के बाद कमांडो के वापस आते ही सेना ने पाकिस्तानी सेना को इसके बारे में बता दिया था. अब इसे लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर हमला बोल दिया है. उसका कहना है कि बीजेपी सरकार अपने फायदे के लिए सैनिकों के शौर्य का इस्तेमाल कर रही है.