नई दिल्ली/पटना. साल 2019 के लोकसभा चुनाव में अभी समय है. लेकिन बिहार में राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गई हैं. नीतीश कुमार के पहले बिहार को विशेष दर्जा की मांग और फिर जेडीयू का ये कहना कि लोकसभा चुनाव में वह 25 सीटों पर चुनाव लड़ती रही है, राज्य में नए समीकरण बना सकते हैं. जेडीयू नेता अजय आलोक ने कहा था कि बिहार में एनडीए का चेहरा नीतीश हैं और दिल्ली में नरेंद्र मोदी. इसके बाद से बीजेपी और एनडीए में बयानबाजी जारी है.

जेडीयू की तरफ से बात निकलने के बाद राजद नेता तेजस्वी यादव ने भी सवाल खड़ा कर दिया था. उन्होंने कहा, सुशील मोदी बतायें क्या नीतीश जी बिहार में नरेंद्र मोदी से बड़े व ज़्यादा प्रभावशाली नेता है? नीतीश जी के प्रवक्ता सुशील मोदी क्या अब भी JDU के हाथों अपने सबसे बड़े नेता को बेइज़्ज़त कराते रहेंगे? नीतीश जी ने कहा था उन्होंने सुशील मोदी के कहने से भोज से मोदी जी की थाली खींची थी।

इसके बाद सुशील मोदी ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, देश के पीएम नरेंद्र मोदी हैं, लेकिन बिहार के नेता तो नीतीश कुमार हैं. इसलिए बिहार में वोट नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार के नाम पर मिलेगा. इसमें कोई विरोधाभाष नहीं है.

साल 2019 में सीटों के बंटवारे पर सुशील मोदी ने कहा, कोई विवाद नहीं है. जब दिल मिल गया तो सीट कौन सी बड़ी चीज है. हर चुनाव के अंदर कौन कितना लड़ेगा, नहीं लड़ेगा, ये सारे जिस दिन बैठेंगे, सारी चीजों का ऐलान हो जाएगा.