इस्लामाबाद: पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह अपने भारतीय समकक्ष की मौजूदगी के कारण यूएई में हो रहे इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) के सम्मेलन में भाग नहीं लेंगे. भारत को पहली बार अबुधाबी में 1-2 मार्च को विदेश मंत्रियों के सम्मेलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है, जहां विदेश मंत्री सुषमा स्वराज सम्माननीय अतिथि होंगी जिसके चलते खिसियाए हुए पाकिस्तान ने ये कदम उठाने का निर्णय किया.

जियो न्यूज के मुताबिक, कुरैशी ने इसकी घोषणा संसद के संयुक्त सत्र में की, जो भारत व पाकिस्तान के बीच तनाव के बावजूद शुक्रवार को भी जारी है. उन्होंने कहा, “मैंने अबुधाबी में ओआईसी काउंसिल ऑफ फॉरेन मिनिस्टर्स सम्मेलन में भाग नहीं लेने का फैसला किया है.” उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से निचले स्तर का प्रतिनिधिमंडल ओआईसी सत्र में भाग लेगा और संस्था में भारत को पर्यवेक्षक का दर्जा देने का सख्ती से विरोध करेगा.

सम्मेलन में भाग लेने के लिए सुषमा स्वराज को बुलाने के ओआईसी के फैसले का विरोध करते हुए कुरैशी ने कहा कि वह अंतर-सरकारी संगठन के अपने भारतीय समकक्ष के निमंत्रण रद्द करने में विफलता के कारण सत्र छोड़ देंगे. सुषमा स्वराज को सम्माननीय अतिथि का दर्जा देकर इस सम्मेलन में आमंत्रित किया जाना भारत की विदेश नीति और कूटनीति की एक बड़ी जीत बताई जा रही है. पुलवामा अटैक के बाद से भारत और पाकिस्तान के संबंधों में काफी तनाव आ चुका है. आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान अपना रुख अभी स्पष्ट नहीं कर रहा है. सुषमा स्वराज इस्लामी सहयोग संगठन (आईओसी) के देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए अबू धाबी में हैं. यह संगठन 57 इस्लामिक देशों का प्रभावशाली समूह है. भारत और पाकिस्तान के बीच आतंकवाद के मसले पर जारी सैन्य तनाव के मद्देनजर सुषमा का इस बैठक में शामिल होना काफी अहमियत रखता है.

सैन्य तनाव के बीच पहली बार आज आमने-सामने होंगे भारत-पाकिस्तान के विदेश मंत्री