नई दिल्ली| विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने जब से पद संभाला हैं वो विदेशों में ख़ास कर खाड़ी देशों में फसे भारतीयों को वापस लाने के लिए प्रयास कर रही हैं. उनके इन प्रयासों को कामयाबी भी मिल रही है और कई भारतीय जो विदेशों में फंसे थे वो सही सलामत अपने परिवार के पास लौटे है. सुषमा जी विदेशों में रह रहे भारतीयों में काफी फेमस है. कोई भी ट्विटर पर ट्वीट कर उनसे मदद की गुहार लगा सकता है. वो ट्विटर पर काफी एक्टिव रहती है और फौरन सहायता करती है.

सुषमा स्वराज के काम को अमेरिका के अंग्रेजी अखबार ‘द वॉल स्ट्रीट जरनल’ ने भी सराहा है. अख़बार में छपे एक लेख में विदेश मंत्री को भारत की सबसे लोकप्रिय मंत्री कहा गया है. यह लेख तुंकू वरदराजन ने लिखा है. इस लेख में वरदराजन ने सुषमा स्वराज द्वारा ट्विटर को साधन बनाकर विदेश में फंसे भारतीयों की मदद के प्रयासों को सराहा हैं.

लेख में लिखा है विदेशों में फसें भारतीयों के परिवार वालों को अब भारत में सरकारी ऑफिस के चक्कर लगाने की ज़रूरत नहीं. वे सरकार की मदद एक ट्वीट से ही पा सकते है. विदेश मंत्री तुरंत ट्वीट का जवाब देती हैं और एम्बेसी भी हरकत में आ जाती है.

इस लेख में आगे लिखा है कि विदेश मंत्री को ट्विटर पर 8.69 मिलियन लोग फॉलो करते हैं. उन्हें ज़्यादातर ट्वीट मदद के लिए किये जाते है और वह सभी की सहायता भी करती है. उन्हें ज़्यादातर ट्वीट खाड़ी देशों के मजदुर ही करते है जो वहां तनावपूर्ण और अमानवीय परिस्थितियों में काम कर रहे होते हैं.

वरदराजन ने अपने आर्टिकल में आगे लिखा है कि पिछले सप्ताह सऊदी अरब से कुछ मजदूरों ने सुषमा स्वराज से मदद की गुहार लगाते हुए एक वीडियो ट्वीट किया था. इस वीडियो में उन्होंने हाथ जोड़कर विदेश मंत्री से मदद मांगी थी. सुषमा ने इन पीड़ितों को ट्विट कर लिखा है कि आपको हाथ जोड़कर गुहार लगाने की जरूरत नहीं है.. भारतीय दूतावास जल्द आपकी मदद करेगा.

हाल ही में विदेश मंत्री के प्रयासों की वजह से एक पाकिस्तानी बच्चे रोहान सिद्दीकी का क्रिटिकल ऑपरेशन भारत में हुआ. रोहान के पिता कंवल सिद्दीकी ने सुषमा स्वराज को ट्वीट कर मदद मांगी थी. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के हस्तक्षेप के बाद रोहान और उसके पैरंट्स को भारत आने के लिए मेडिकल वीजा मिल गया.