रियाद. सऊदी अरब की अपनी पहली यात्रा पर पहुंची विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सऊदी शाह सलमान बिन अब्दुल अजीज से मुलाकात की. स्वराज ने सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को और बढ़ाए जाने के कदमों तथा एक दूसरे की प्रगति में सहयोग करने के संबंध में विचार-विमर्श किया. शाह सलमान ने सुषमा की उपस्थिति में प्रतिष्ठित राष्ट्रीय विरासत एवं संस्कृति महोत्सव जनाद्रियाह का उद्घाटन किया। इस उत्सव में भारत विशिष्ट अतिथि राष्ट्र है. Also Read - कोरोना वायरस: सऊदी अरब ने इस्लाम के सबसे पवित्र स्थल को खाली कराया

उद्घाटन समारोह के मौके पर सुषमा ने जनाद्रियाह उत्सव में भारत को विशिष्ट अतिथि राष्ट्र का दर्जा देने के लिए सऊदी सरकार को धन्यवाद दिया. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अप्रैल 2016 में सऊदी अरब की यात्रा को ऐतिहासिक बताया. Also Read - गुरुग्रामः एक साल की बच्ची के लिवर ट्रांसप्लांट के लिए 14 घंटे चला ऑपरेशन, लगाई गई गाय की नसें

सुषमा स्वराज ने कहा कि ‘ऐसे उत्सव साझेदारी को और मजबूत बनाने का एक अवसर प्रदान करते है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया,‘जनाद्रियाह उत्सव में भारत की भागीदारी हमारे मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को दिखाने का एक अवसर उपलब्ध कराती है’ Also Read - पीएम मोदी का सउदी दौरा: आज सामरिक साझेदारी परिषद पर हस्ताक्षर करेंगे पीएम, यहां जानिए दौरे से जुड़ी हर जानकारी

 

इससे पूर्व सुषमा ने अपने सऊदी समकक्ष आदेल अल-जुबेर से भी मुलाकात की. इस दौरान व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने पर चर्चा हुई. मुलाकात के बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि क्षेत्र में शांति के लिए भारत का समर्थन है और उन्होंने आतंकवाद के खतरे से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाने का आह्वान किया.

इसके अलावा विदेश मंत्री ने एक स्वागत समारोह में भारतीय समुदाय के सदस्यों को भी संबोधित किया और दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों के बारे में बात की. सऊदी अरब में 30 लाख से अधिक भारतीय लोग रहते हैं और पिछले कुछ वर्षों में विशेषकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अप्रैल 2016 में खाड़ी देश की यात्रा के बाद से दोनों देशों के बीच संबंध बढ़ रहे हैं. चीन, अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात के बाद सऊदी अरब भारत का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है.