नई दिल्ली: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान देश के करतारपुर में गुरुद्वारा दरबार साहिब को भारत के गुरदासपुर जिले में स्थित डेरा बाबा नानक गुरुद्वारा से जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित गलियारे की आज आधारशिला रखेंगे. इससे पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि करतारपुर गलियारे का बातचीत की प्रक्रिया से संबंध नहीं, बातचीत तभी शुरू हो सकती है जब पाकिस्तान भारत में आतंकवादी गतिविधियों को बंद कर दे. उन्होंने कहा कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते. सुषमा ने कहा कि भारत सरकार करतारपुर गलियारा शुरू करने के लिए कई सालों से कोशिश कर रही थी, लेकिन पाकिस्‍तान ने अब जाकर सकारात्‍मक रुख अपनाया है.

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प्रधानमंत्री इमरान खान देश के करतारपुर में गुरुद्वारा दरबार साहिब को भारत के गुरदासपुर जिले में स्थित डेरा बाबा नानक गुरुद्वारा से जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित गलियारे की आधारशिला रखेंगे. चर्चा है कि करतारपुर कॉरीडोर के माध्‍यम से पाकिस्‍तान दोनों देशों के बीच रिश्‍ते सुधारने की कोशिश कर सकता है. इसी कड़ी में पाकिस्‍तान के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि वह सार्क शिखर सम्‍मेलन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित करेंगे. टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक सार्क शिखर सम्‍मेलन का आयोजन तभी हो सकता है जब सभी सदस्‍य देश इसके लिए सहमत हों. सम्‍मेलन के लिए सदस्‍यों के बीच तारीखें तय होने के बाद ही निमंत्रण भेजा जा सकता है. भारत सार्क शिखर सम्‍मेलन में विशेष आमंत्रित सदस्‍य नहीं है, जिस कारण पाकिस्‍तान इसको आमंत्रित कर सकता है.

आज करतारपुर कॉरिडोर की नींव रखेंगे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान

हालांकि दोनों तरफ रहने वालों का यह मानना है कि करतारपुर में गुरुद्वारा दरबार साहिब और भारत के साथ लगने वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा के बीच गलियारे की नींव रखने का समारोह बुधवार को यहां होगा. भारत की तरफ पंजाब के गुरदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक से अंतरराष्ट्रीय सीमा तक गलियारे की आधारशिला उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने सोमवार को रखी थी. पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैजल ने मंगलवार को कहा कि करतारपुर के गुरुद्वारा दरबार साहिब तक भारतीय सिख तीर्थयात्रियों को वीजा मुक्त यात्रा को सुविधा देने वाले इस गलियारे का काम छह माह में पूरे होने की संभावना है.

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नारोवाल निवासी 60 वर्षीय पाकिस्तानी कारोबारी अब्बास खान ने कहा, ‘‘पिछले 70 सालों में हम काफी लड़े हैं. उन लड़ाइयों से कोई फायदा नहीं हुआ, न भारत को न ही पाकिस्तान को. अब समय है कि हम एक नया सफर शुरू करें और करतारपुर गलियारे में शांति लाने की संभावना है.’ एक अन्य पाकिस्तानी नागरिक लाहौर निवासी बिलाल मोहम्मद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक प्रभावशाली नेता हैं और वह तथा उनके पाकिस्तानी समकक्ष इमरान खान अगर चाहें तो द्विपक्षीय रिश्तों में बदलाव ला सकते हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दोनों देशों के निर्णय का संबंध बर्लिन की गिरी हुई दीवार से किया जिससे यह संकेत गया कि इस परियोजना से दोनों देशों के बीच सुलग रहे तनाव से कुछ राहत मिलेगी.

भारत सरकार ने घोषणा की है कि इस कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री हरसिमरत कौर और हरदीप सिंह पुरी देश का प्रतिनिधित्व करेंगे. कार्यक्रम स्थल के आसपास बड़ी संख्या सुरक्षा बलों को तैनात किया गया. अटारी वाघा सीमा पर कई भारतीयों ने भी गलियारा बनाने के दोनों देशों के इस कदम का स्वागत किया है. मंजीत सिंह (35) ने कहा कि यह लम्बे समय से हमारी मांग बनी हुई है तथा दोनों देशों ने अब इस परियोजना को शुरू करने का निर्णय किया है. हम बहुत खुश हैं. भारत ने करीब 20 साल पहले इस गलियारे का प्रस्ताव पाकिस्तान को दिया था.