नई दिल्‍ली: विधानसभा चुनावों में अपनी पार्टी के प्रचार में लगे कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी के एक बयान पर विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज ने कड़ा ऐतराज जताया है. राहुल ने अपने बयान में कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिंदू होने का मतलब नहीं समझते. सुषमा ने इसका जवाब देते हुए शनिवार को कहा कि राहुल ऐसे बयान दे रहे हैं क्‍योंकि वे और उनकी कांग्रेस पार्टी को राहुल की जाति और धर्म के बारे में संदेह है.

विदेश मंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने वर्षों तक राहुल की छवि एक धर्मनिरपेक्ष नेता की बनाई, लेकिन चुनाव नजदीक आते ही उन्‍हें लगा कि हिंदू बहुमत में हैं तो अलग छवि गढ़ने की कोशिश होने लगी.

सुषमा ने राहुल के जनेउधारी ब्राम्‍हण होने के दावे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मुझे नहीं पता था कि जनेउधारी ब्राम्‍हण के ज्ञान में इतनी वृद्धि हो गई हिंदू होने का मतलब अब हमें उनसे समझना पड़ेगा. भगवान न करे कि वो दिन कभी आए कि हमें राहुल से यह समझना पड़े.

केंद्र सरकार द्वारा यूपीए शासनकाल के दौरान जीडीपी के आंकड़ों में बदलाव की चर्चा करते हुए सुषमा ने कहा कि पूर्व वित्‍तमंत्री पी चिदंबरम के आरोपों में कोई दम नहीं है. उन्‍होंने आगे बमाया कि यूपीए शासनकाल में अंतरराष्‍ट्रीय मुद्रा कोष और विश्‍व बैंक ने भारतीय अथ्रव्‍यवस्‍था को कमजोर कैटेगरी में रखा था. आज ये दोनों ही संस्‍थाएं भारत को सबसे तेजी से बढ़ रही अर्थव्‍यवस्‍था मानती हैं.

सुषमा ने कहा कि यूपीए के 10 साल के शासन में देश की औसत विकास दर 6.7 प्रतिशत थी. एनडीए शासन के पहले तीन वर्षों में यह 7.3 प्रतिशत थी जबकि इस साल यह आंकड़ा 7.6 प्रतिशत है.