बक्सर: बिहार के बक्सर जिले में युवती का अधजला शव बरामद होने के बाद बलात्कार के बाद हत्या का संदिग्ध मामला असल में ऑनर किलिंग का मामला निकल गया है. पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि कि मुख्य आरोपी, पीड़िता के पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस अधीक्षक उपेन्द्र नाथ वर्मा ने मंगलवार को बताया कि मृतका की पहचान रोहतास जिले के दिनारा थाना अंतर्गत दिनारा बाजार के महेंद्र प्रसाद की पुत्री के रूप में की गयी है. उन्होंने बताया कि पुलिस ने जब मृतका के परिजनों से सम्पर्क किया तो युवती की माता और भाई ने शव को पहचानने से इनकार कर दिया. वर्मा ने बताया कि पुलिस ने जब कड़ाई से उनसे पूछताछ की तो परिजन ने अंत में शव के साथ मिले सैंडल से पहचान की.Also Read - Bihar Police Recruitment 2021: बिहार पुलिस में बिना परीक्षा के नौकरी, 69000 सैलरी, Video में जाने चयन मानदंड

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बक्सर जिले में युवती का अधजला शव हुआ बरामद, पुलिस ने जताई रेप की आशंका Also Read - Bihar Police Recruitment 2021: 12वीं, ग्रेजुएट बिहार पुलिस में बिना परीक्षा के पा सकते हैं नौकरी, जल्द करें आवेदन, 69000 मिलेगी सैलरी

वर्मा ने बताया कि इस हत्याकांड में कुल छह लोग संलिप्त थे. उन्होंने बताया कि पुलिस पूछताछ में पता चला की महेंद्र के भांजे ने ही मौत की जगह को तय किया और मृतका के पिता और भाई मोटरसाइकिल पर युवती को दिनारा से लेकर बक्सर के कुकुढ़ा गांव पहुंचे जहां पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार भांजे सहित तीन अन्य व्यक्ति मौजूद थे जिन्होंने युवती को गोली मारी और शव को पेट्रोल डालकर आग लगा दी. सुत्रों के अनुसार युवती की शादी पांच मार्च 2018 को की गई थी जहां से वह रिसेप्शन के दिन फरार हो गयी थी.

ग्रामीणों के अनुसार युवती के पिता को उसके फरार होने को लेकर गांव के लोग ताना मारा करते थे जिससे तंग आकर उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया. पुलिस अधीक्षक ने बताया की महेंद्र सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद बक्सर के धनसोई स्थित इलाहाबद बैंक में गार्ड का काम करता था. पुलिस ने महेंद्र के पास बैंक के गार्ड के तौर पर मौजूद राइफल और कारतूस को कब्जे में लेकर जांच के लिए एफएसएल को भेज दिया है.

44 साल की विधवा औरत का हुआ बलात्कार, आरोपी गिरफ्तार

गत तीन दिसंबर को उक्त युवती का शव इताढ़ी थाना अंतर्गत एक गांव के खेत से बरामद हुआ था. यह मामला हैदराबाद में महिला पशु चिकित्सक से बलात्कार और हत्या मामले के कुछ ही दिन बाद हुआ था जिससे यह अटकलें लगाई जा रहीं थीं कि यह मामला भी वैसा ही है. शव की 120 घंटे तक पहचान नहीं हो पाने पर पुलिस ने शव को दफना दिया था. मामले को तूल पकड़ता देख शाहाबाद प्रक्षेत्र के उपमहानिरीक्षक राकेश राठी और एफएसएल की टीम ने वारदातस्थल पहुंचकर घटना की गहनतापूर्वक जांच की थी. वारदात के दो दिनों बाद तक युवती पहचान नहीं होने पर सूबे के पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पाण्डेय ने युवती की पहचान बताने वाले को 50 हजार रुपये इनाम की राशी दिए जाने की घोषणा की थी.