नई दिल्‍ली: कर्नाटक के राज्‍यपाल वजूभाई वाला ने बुधवार शाम भाजपा विधायक दल के नेता बी एस येदियुरप्‍पा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया. येदियुरप्‍पा शुक्रवार सुबह 9 बजे मुख्‍यमंत्री पद की शपथ लेंगे और उन्‍हें 15 दिन के अंदर विधानसभा में अपना बहुमत साबित करना होगा.

भाजपा नेता मुरलीधर राव ने बताया कि शुक्रवार को येदियुरप्‍पा शपथ लेंगे. विधानसभा में बहुमत साबित करने के बाद मंत्रिमंडल का गठन किया जाएगा.

राज्‍यपाल के इस आमंत्रण के साथ ही राज्‍य में पिछले 24 घंटे से चल रही राजनीतिक अनिश्चितता का अंत हुआ. बता दें कि राज्‍य में 12 मई को हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे 15 मई को आए थे. इसमें किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिला था जबकि सबसे ज्‍यादा सीटें भाजपा को मिली थीं. नतीजे आने के ठीक बाद कांग्रेस और जेडीएस ने गठबंधन का फैसला किया और अगले दिन राज्‍यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया. इधर सबसे बड़ी पार्टी होने के दम पर भाजपा भी सरकार बनाने के लिए राज्‍यपाल से आमंत्रण का दावा पेश कर चुकी थी.

विधायकों की खरीद-फरोख्‍त के आरोपों के बीच राज्‍यपाल के फैसले का पहला अंदाजा बुधवार शाम कांग्रेस नेता पी चिदंबरम की प्रेस कॉन्‍फ्रेंस और प्रकाश जावड़ेकर के इशारों से मिल गया था. चिदंबरम ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में अंदेशा जताया था कि राज्‍यपाल येदियुरप्‍पा को सरकार बनाने का आमंत्रण दे चुके हैं. इसके थोड़ी देर बाद भाजपा के कर्नाटक प्रभारी और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से मीडियाकर्मियों ने इस बारे में पूछा तो उन्‍होंने कुछ बोलने की बजाय विक्‍ट्री साइन (जीत का निशान) दिखा दिया.

कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन तथा भाजपा द्वारा बहुमत के दावों-प्रतिदावों के बीच बुधवार शाम पहले ऐसे संकेत मिले कि राज्‍यपाल वजूभाई वाला ने भाजपा विधानमंडल दल के नेता बी एस येदियुरप्‍पा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है. हालांकि, इस खबर की पुष्टि अब तक राज्‍यपाल कार्यालय ने नहीं की गई थी, लेकिन कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने अपने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में इसकी आशंका जताई. इसके कुछ देर बाद जब भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से मीडियाकर्मियों ने यह सवाल किया तो उन्‍होंने कोई जवाब दिए बगैर विक्‍ट्री साइन दिखा दिया.

बुधवार शाम को प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में चिदंबरम ने कहा कि सुनने में आया है कि राज्‍यपाल ने येदियुरप्‍पा को सरकार बनाने का न्‍योता दिया है, लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए हम यह मानकर चल रहे हैं कि राज्‍यपाल ने अभी इस पर फैसला नहीं लिया है. उन्‍होंने यह भी कहा कि कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन अपने बहुमत का सबूत राज्‍यपाल को सौंप चुका है, इसके बाद भी एच डी कुमारस्‍वामी को सरकार बनाने के लिए नहीं बुलाना सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ है.

चिदंबरम के इस संदेह को हवा तब मिली जब थोड़ी बाद भाजपा के कर्नाटक प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर का सामना मीडियाकर्मियों से हुआ. जावड़ेकर से जब इस बारे में सवाल किया गया तो उन्‍होंने कुछ भी जवाब नहीं दिया, लेकिन मुस्‍कुराते हुए विक्‍ट्री साइन (जीत का संकेत) दिखाया.

हालांकि, इस बीच कर्नाटक भाजपा ने अपने ट्विटर अकाउंट से वह ट्वीट हटा दिया जिसमें येदियुरप्‍पा के 17 मई की सुबह मुख्‍यमंत्री पद की शपथ लेने के बारे में बताया गया था. यह ट्वीट बुधवार सुबह किया गया था.

इससे पहले बुधवार शाम जेडीएस के नेता एच डी कुमारस्‍वामी ने बताया कि उन्‍होंने राज्‍यपाल को 117 विधायकों के समर्थन की सूची सौंप दी है. बुधवार को येदियुरप्‍पा ने भी राज्‍यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया था. बता दें कि विधानसभा चुनावों में भाजपा को 104, कांग्रेस को 78 और जेडीएस को 37 सीटें मिली हैं. किसी पार्टी को अपने दम पर बहुमत नहीं मिला है.