5 रुपये में मिलेगा मछली-चावल, शराब की दुकानों पर लगेगा बैन..., बंगाल के CM सुवेंदु अधिकारी लगातार ले रहे बड़े फैसले

Written By: Tanuja Joshi Updated by: Tanuja Joshi
Updated Date:May 26, 2026 5:46 PM IST

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने महिलाओं को ₹3000 मासिक सहायता, ₹5 में फिश-राइस भोजन और शराब दुकानों पर नए नियमों समेत कई बड़े फैसलों का ऐलान किया है. सरकार जल्द नई भर्ती नीति और अवैध घुसपैठ पर सख्त कार्रवाई भी शुरू करेगी.

West Bengal New Liquor Shop Rules: पश्चिम बंगाल की राजनीति में सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार लगातार बड़े फैसले लेकर चर्चा में बनी हुई है. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य के लोगों के लिए कई नई योजनाओं और नियमों की घोषणा की है, जिनका सीधा असर आम जनता पर पड़ सकता है. महिलाओं को आर्थिक सहायता देने से लेकर सस्ती भोजन योजना और शराब दुकानों पर सख्ती तक, सरकार ने कई अहम कदम उठाने का संकेत दिया है.

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मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 27 मई से 'अन्नपूर्णा योजना' के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की जाएगी. इस योजना के तहत महिलाओं को हर महीने ₹3000 की आर्थिक सहायता देने का प्रस्ताव है. सरकार का दावा है कि इससे गरीब और मध्यम वर्ग की महिलाओं को राहत मिलेगी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. खास बात ये है कि योजना का लाभ पाने के लिए भारतीय नागरिक होना जरूरी होगा.

शुरू होंगी 400 स्पेशल कैंटीन

इसके अलावा राज्य सरकार ने बेहद सस्ती दर पर भोजन उपलब्ध कराने की भी योजना बनाई है. मुख्यमंत्री के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में लगभग 400 स्पेशल कैंटीन शुरू किए जाएंगे, जहां हफ्ते में दो दिन लोगों को केवल ₹5 में माछ-भात यानी फिश-राइस भोजन मिलेगा. सरकार का मानना है कि इससे गरीब तबके और मजदूर वर्ग को काफी मदद मिलेगी. बंगाल में मछ-भात लोगों की पसंदीदा डिश मानी जाती है, इसलिए इस योजना को लेकर लोगों में उत्सुकता बढ़ गई है.

सरकार ने शराब दुकानों को लेकर भी बड़ा फैसला लिया है. नए नियमों के अनुसार किसी भी स्कूल, कॉलेज या धार्मिक स्थल के एक किलोमीटर के दायरे में शराब की दुकान खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी. सरकार का कहना है कि ये कदम सामाजिक माहौल को बेहतर बनाने और युवाओं पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए उठाया गया है.

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने ये भी बताया कि राज्य में जल्द अलग AYUSH विभाग बनाया जाएगा. अभी तक ये विभाग स्वास्थ्य विभाग के साथ जुड़ा हुआ था, लेकिन अब इसे स्वतंत्र रूप से संचालित करने की तैयारी की जा रही है. सरकार का कहना है कि इससे आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा मिलेगा.

इन घोषणाओं के अलावा राज्य सरकार अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर भी सख्त रुख अपनाती दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि संदिग्ध अवैध प्रवासियों के लिए विशेष होल्डिंग सेंटर बनाए जाएं. इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें वापस भेजने की कार्रवाई की जाएगी. सरकार का कहना है कि ये कदम राज्य की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जरूरी है.

साथ ही सरकार नई भर्ती नीति लाने की तैयारी में भी जुटी हुई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी बजट सत्र में नई भर्ती नीति पेश की जाएगी ताकि सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता लाई जा सके और भर्ती प्रक्रिया में होने वाली गड़बड़ियों को रोका जा सके. 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद हुई हिंसा के मामलों की जांच को लेकर भी सरकार एक्टिव नजर आ रही है. मुख्यमंत्री ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि जिन मामलों में पहले कार्रवाई नहीं हुई, उनमें दोबारा जांच शुरू की जाए. सरकार का दावा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे.

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