सुवेंदु अधिकारी के मंत्रिमंडल में शामिल 5 लोग कौन हैं? जानिए BJP ने कैसे साधा राजनीतिक समीकरण, दिए ये संदेश

Written By: Shivendra Rai Updated by: Shivendra Rai
Updated Date:May 9, 2026 1:25 PM IST

Suvendu Adhikari's Cabinet LIST: पश्चिम बंगाल में सुवेंदु अधिकारी के साथ दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, क्षुदिराम टुडू और निसिथ प्रमाणिक ने भी शपथ ली.

Suvendu Adhikari's Cabinet: 8 मई की शाम को जब ये तय हो गया कि पश्चिम बंगाल में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी होंगे, तब सबके मन में ये सवाल भी आया कि उनकी कैबिनेट में किन लोगों को जगह मिलेगी. 9 मई को शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही इस सवाल का जवाब भी मिल गया. सुवेंदु अधिकारी के सीएम पद की शपथ लेने के बाद 5 नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली. ये 5 लोग कौन हैं और काफी सोच समझ के भाजपा ने इन्हीं 5 लोगों को क्यों चुना? आइये जानते हैं विस्तार से.

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वरिष्ठ भाजपा नेता दिलीप घोष मंत्री बने

सुवेंदु अधिकारी के बाद शपथ लेने वाले पहले विधायक थे पश्चिम बंगाल में वरिष्ठ भाजपा नेता दिलीप घोष. ओबीसी समुदाय से आने वाले दिलीप घोष को मंत्री पद देकर भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं को भी संदेश दिया और जातीय समीकरण का भा ध्यान रखा. दिलीप घोष पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं. वह मूल रूप से RSS से एक पूर्णकालिक प्रचारक के तौर पर जुड़े हुए हैं. उन्होंने 2014 के बाद बंगाल में भाजपा को जमीन पर मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है. वह मेदिनीपुर निर्वाचन क्षेत्र लोकसभा के लिए भी चुने जा चुके हैं. बंगाल में बारे में जो राजनीतिक समझ दिलीप घोष रखते हैं उसका फायदा सुवेंदु अधिकारी और सरकार को निश्चित रूप से होगा.

मतुआ समुदाय से आने वाले अशोक किर्तनीया मंत्री बने

पश्चिम बंगाल में भाजपा लंबे समय मतुआ समुदाय को अपने पाले में करने के लिए जमीन पर जुटी हुई थी. हालांकि, एसआईआर प्रक्रिया के दौरान इस समुदाय के लोगों के भी नाम वोटर लिस्ट से कटे. प्रचंड बहुमत के साथ चुनाव जीतने के बाद मतुआ समुदाय से आने वाले अशोक किर्तनीया को मंत्री बनाकर भाजपा ने साफ संदेश दिया है कि वह अपने वादे पूरे करती है. अशोक कीर्तनिया उत्तर 24 परगना के बनगांव उत्तर से BJP के विधायक चुने गए हैं. वह पार्टी की संगठनात्मक राजनीति से भी जुड़े रहे हैं.

अग्निमित्रा पॉल बनीं मंत्री

चुनावों में जीत के बाद से ही माना जा रहा था कि भाजपा अपनी शुरुआती कैबिनेट में एक महिला को जरूर चुनेगी. 2026 में हुए विधानसभा चुनावों में महिला सुरक्षा भी एक बड़ा मुद्दा था. इसे ध्यान में रखते हुए भाजपा ने अग्निमित्रा पॉल को मंत्री बनाया है. अग्निमित्रा पॉल फैशन डिज़ाइनर रह चुकी हैं और 2019 में BJP में शामिल हुईं थीं. एक साल बाद वह 2020 में बंगाल बीजेपी की महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष बनीं. 2021 में उन्हें बंगाल में BJP का महासचिव नियुक्त किया गया.

अग्निमित्रा पॉल ने 2021 के विधानसभा चुनावों में आसनसोल दक्षिण सीट से तृणमूल कांग्रेस की सायनी घोष को हराया था. इस साल की शुरुआत में पॉल को BJP बंगाल का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था. हाल ही में हुए चुनावों में उन्होंने आसनसोल दक्षिण विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की है.

कैबिनेट में आदिवासी समाज को भी जगह

सुवेंदु अधिकारी की कैबिनेट में आदिवासी नेता क्षुदीराम टुडू को भी जगह दी गई है. वह बांकुड़ा जिले से आते हैं. क्षुदीराम टुडू क्षुदीराम टु़डू रानीबांध सीट से पहली बार विधायक बने हैं. वह पेशे से सरकारी स्कूल के शिक्षक हैं. उन्हें मंत्री बनकार बीजेपी ने अपने आदिवासी वोट बैंक का ध्यान रखा है.

निसिथ प्रमाणिक भी बने मंत्री

पश्चिम बंगाल में भाजपा के युवा चेहरा निसिथ प्रमाणिक भी मंत्री बनाए गए हैं. खास बात ये है कि साल 2019 में BJP में शामिल होने से पहले वह तृणमूल कांग्रेस के सदस्य थे. जुलाई 2021 में उन्हें गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री और युवा मामले और खेल मंत्रालय में राज्य मंत्री नियुक्त किया गया था. निसिथ प्रमाणिक राजबंशी समाज से आते हैं. वह

युवाओं के बीच अपनी लोकप्रियता और संगठनात्मक प्रभाव के लिए जाने जाते हैं.

बता दें कि पश्चिम बंगाल में अभी केवल 5 मंत्री ही बनाए गए हैं. आने वाले दिनों में कैबिनेट का विस्तार हो सकता है. पश्चिम बंगाल कैबिनेट में मंत्रियों की परिषद की अधिकतम संख्या 44 है. इसका मतलब है कि भाजपा के पास अभी सभी समीकरण साधने के लिए 39 और मंत्रियों को शामिल करने की गुंजाइश है.

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