बंगाल में सत्ता बदलते ही तेज हुई ‘योगी मॉडल’ की चर्चा, सुवेंदु अधिकारी के फैसलों पर क्यों टिकी है पूरे देश की नजर?

BJP की जीत के बाद सुवेंदु अधिकारी बंगाल के नए मुख्यमंत्री बने. वे अपनी आक्रामक राजनीति और 'योगी मॉडल' के समर्थन के लिए जाने जाते हैं. उनका नेतृत्व पश्चिम बंगाल की राजनीतिक दिशा को पूरी तरह से बदल सकता है.

Updated: May 9, 2026, 7:13 PM IST

अर्पित मिश्र: पश्चिम बंगाल को नया सीएम मिल गया है. ममता बनर्जी को लगातार दो चुनावों में हराने वाले सुवेंदु अधिकारी को भाजपा ने बंगाल का नया सीएम बनाया है. सुवेंदु अधिकारी जमीनी पकड़ और आक्रामक राजनीति के लिए जाने जाते हैं. TMC के गढ़ में सेंध लगाने वाले सुवेंदु अधिकारी सीएम योगी और उनकी कार्यशैली के जबरा फैन हैं. सुवेंदु अधिकारी को ‘योगी मॉडल’ खूब भाता है. खासकर यूपी में जिस तरह से सीएम योगी ने क्राइम कंट्रोल किया है उसको लेकर सुवेंदु अधिकारी कई मौकों पर यूपी के सीएम की सराहना कर चुके हैं.

सीएम योगी के छुए थे पैर

बंगाल चुनाव प्रचार के दौरान सुवेंदु अधिकारी ममता बनर्जी के शासन में हुए अराजकता पर हमलावर रहे. भाजपा के फायरब्रान्ड स्टार प्रचारक के तौर पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी बंगाल में चुनाव प्रचार किया. रैलियों में उन्होंने ममता बनर्जी की तुष्टिकरण वाली राजनीति पर जोरदार हमला किया. उस वक्त उनकी रैलियों में आने वाली भीड़ ने ही गवाही दे दी थी कि बंगाल में इस बार ममता बनर्जी का किला ढहने वाला है. वहीं जब पश्चिम बंगाल के कांथी विधानसभा क्षेत्र में सीएम योगी एक चुनावी रैली के लिए पहुंचे थे तब मंच पर सुवेंदु अधिकारी ने सीएम योगी को भगवा रंग का पटका पहनाने के बाद उनके सामने झुककर प्रणाम किया था.

सुवेंदु अधिकारी पर सीएम योगी का प्रभाव

सीएम योगी की आक्रामक शैली और कुशल प्रशासनिक क्षमता का सुवेंदु अधिकारी पर प्रभाव देखा जाता है. यहां तक कि यूपी में अपराध और अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए वो योगी सरकार की सराहना भी करते रहते हैं. 2020 में टीएमसी से भाजपा में शामिल हुए सुवेंदु अधिकारी हिंदुत्व की राजनीति को लेकर काफी आक्रामक दिखते हैं.

‘हिंदुओं की बदौलत हुई मेरी जीत’

सुवेंदु अधिकारी की हिंदुत्व एजेंडे के प्रति आक्रामकता इसी बात से समझी जा सकती है कि जब 4 मई को बंगाल के नतीजे आए तो कोलकाता के भवानीपुर में जीत का सर्टिफिकेट हाथ में लेते ही उन्होंने बिना किसी लाग-लपेट के कहा कि “मुझे वार्ड नंबर 77, 78 और 80 के मुसलमानों ने वोट नहीं दिया है, मेरी जीत वार्ड नंबर 71 और 74 के हिंदुओं की बदौलत हुई है.”

सुवेंदु अधिकारी का यह बयान सिर्फ बयान नहीं बल्कि बंगाल में भविष्य की सियासत में दिख रहे बदलाव का गंभीर संकेत भी है. उस बयान ने ही बता दिया था कि सुवेंदु अधिकारी बंगाल में उसी पिच पर बैटिंग करेंगे जिसे यूपी में उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ ने धार दी है. चुनावी रैलियों में उनका यह कहना कि अगर 70 प्रतिशत हिंदू एकजुट हो जाएं, तो बंगाल से ‘तुष्टिकरण’ की राजनीति का हमेशा के लिए अंत हो जाएगा, यह ठीक सीएम योगी के उस बयान की कॉर्बन कॉपी है जिसमें वो ’80 बनाम 20′ वाले फॉर्मूले की बात करते हैं.

बता दें कि बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 207 सीटों पर जीत मिली है. वहीं टीएमसी इस चुनाव में 80 सीटों पर सिमट गई. इस चुनाव में कांग्रेस को 2 सीटें मिली हैं.

(अर्पित मिश्र फ्रीलांस पत्रकार हैं और ग्राउंड रिपोर्ट्स करते हैं)

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