नई दिल्ली। केंद्र सरकार की ओर से शहरों की सफाई व्यवस्था की रैंकिंग के लिए करवाए गए स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग आज (गुरुवार) जारी की गई. कुल 434 शहरों का सर्वे किया गया. पहले और दूसरे नंबर पर मध्य प्रदेश के शहर हैं. गुजरात के दो शहर भी टॉप 10 में हैं. सबसे गंदा शहर यूपी का गोंडा है. सबसे गंदे शहरों मे यूपी के पांच शहर हैं.

मध्य प्रदेश का इंदौर सबसे साफ शहर घोषित किया गया है. राजधानी भोपाल को दूसरा सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया है. तीसरे नंबर पर विशाखापतनम है. नंबर चार पर गुजरात का सूरत शहर है. पिछली बार टॉप पर रहने वाला मैसूर शहर इस बार पांचवें नंबर पर खिसक गया। छठे नंबर पर तमिलनाडु का तिरुचिरापल्ली, सातवेंं नंबर पर दिल्ली एनडीएमसी पर है. नवी मुंबई आठवां, आंध्र प्रदेश का तिरुपति नौवें और दसवें नंबर पर गुजरात का वडोदरा है. पीएम मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी 32वें नंबर पर है.

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सबसे गंदे शहर

यूपी का गोंडा सबसे गंदा शहर है और 434वें नंबर पर है. दूसरा सबसे गंदा शहर महाराष्ट्र का भुसावल, तीसरा सबसे गंदा शहर बिहार का बगहा, चौथा यूपी का हरदोई, पांचवां बिहार का कटिहार, छठा यूपी का बहराइच, सातवें और आठवें नंबर पर पंजाब का मुक्तसर और अबोहर है. नौंवे नंबर पर यूपी का शाहजहांपुर और दसवें नंबर पर भी यूपी का खुर्जा है.

फाइल फोटो

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पिछले साल कराए गए सर्वेक्षण के तहत केंद्र सरकार ने 434 शहरों को शामिल किया था. राजधानी को भी सर्वेक्षण का हिस्सा बनाया गया था. स्वच्छ भारत मिशन के तहत पिछले एक साल के भीतर देश में सबसे बड़ा स्वच्छता सर्वेक्षण किया गया, जिसमें कुल 18 लाख नागरिकों ने हिस्सा लिया है. यह सर्वेक्षण देश के शहरों व कस्बों की सफाई को लेकर किया गया है. इससे लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरुकता बढ़ी है.

सर्वे के मुताबिक
-83 फीसदी लोगों का मानना है कि पिछले एक साल में उनका इलाका काफी साफ हुआ है.
-82 फीसदी लोगों के मुताबिक डोर टू डोर कूडा लेने की सुविधा बेहतर हुई है, साथ ही स्वच्छता सुविधाओं में बेहतरी हुई है.
-80 फीसदी का कहना है कि पब्लिक टायलेट तक लोगों की पहुंच आसान हुई है.
-404 शहरों और कस्बों के 75 फीसदी इलाके साफ हुए हैं.
-सर्वे में पब्लिक टायलेट संख्या बढ़ाने, दिव्यांगों और हर टायलेट को जेंडर फ्रेंडली बनाने का सुझाव दिया गया.