नई दिल्ली: दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) की प्रमुख स्वाति मालीवाल ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पूरे देश में ‘दिशा विधेयक’ तत्काल लागू करने की मांग की जिसमें महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के मामलों को 21 दिन के भीतर निस्तारित करने और मौत की सजा का प्रावधान है.

दिल्ली महिला आयोग प्रमुख ने महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर केंद्र सरकार के अभी तक के ‘‘उदासीन रवैया’’ पर दुख जताया. मालीवाल बलात्कारियों को फांसी की सजा की मांग को लेकर पिछले 10 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं. उन्होंने कहा कि दिशा विधेयक के पूरे देश में लागू होने तक वह अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगी.

शाम में मालीवाल की हालत बिगड़ गई. डॉक्टरों और पुलिस ने उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की सलाह दी, लेकिन उन्होंने इससे इनकार किया. डॉक्टरों के सुत्रों के मुताबिक, उनके खून में यूरिक एसिड खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है और उनके गुर्दे क्षतिग्रस्त हो सकते हैं.

डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल में दाखिल करने की सलाह दी जिसके बाद पुलिस ने ऐंबुलेंस बुला ली लेकिन उन्होंने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया. शुक्रवार को आंध्र प्रदेश विधानसभा ने विधेयक को पारित कर दिया.
प्रस्तावित नये कानून को उस पशुचिकित्सक को श्रद्धांजलि के तौर पर ‘आंध्र प्रदेश दिशा एक्ट क्रिमिनल लॉ (आंध्र प्रदेश अमेंडमेंट) एक्ट, 2019 नाम दिया गया है, जिसकी हाल में तेलंगाना में बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी.