भारत सरकार काफी समय से कालेधन को स्विस बैंक से भारत वापस लाने की कोशिश कर रही है। पर इस विषय पर अब भारत सरकार को सफलता मिलती दिखाई दे रही है। हाल ही में खबर मिली है कि भारत की सख्ती के चलते स्विस बैंकों के अधिकारी अब कड़े कदम उठाने के बारे में सोच रही है। स्विस बैंक ने भारतीय ग्राहकों को यह चेतावनी दी है, कि वे जल्द से जल्द अपनी संपत्ति का ब्यौरा भारत सरकार को दे दें और साथ ही कालेधन को लेकर नए नियमों का पालन करें। ये भी पढ़ें: काला धन: केजरीवाल का केंद्र सरकार पर हमला Also Read - सरकार के हर साल बचेंगे 7 लाख करोड़ रुपए, बीजेपी नेता ने याचिका दाखिल कर दिया ये सुझाव

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लोगों की, खासकर भारतीयों की काली कमाई छुपाने वाले स्विस और कुछ यूरोपी बैंकों ने अपने ग्राहकों से ये अपील की है कि जितना जल्दी हो सके भारत में टैक्स अधिकारियों के सामने अपने खातों के बारे में खुलासा कर दें। इसके साथ-साथ वे बैंकों के नए दस्तावेजों पर भी सहीं करे, जिसमें लिखा होगा कि वे अपने देशों में सभी कानूनों का पालन कर रहे हैं। यह कदम इसलिए उठाया गया है कि भारत के कानून के अनुसार जो बैंक ऐसे लोगों की संपत्ति को छुपाने की कोशिश कर रही है, उसके खिलाफ कालेधन को बढ़ावा देने का आरोप लग सकता है। Also Read - Black Money के खिलाफ लड़ाई में बड़ी कामयाबी! स्विट्जरलैंड से मिली भारतीय खाताधारकों की दूसरी लिस्ट

अगर इस दौरान भारतीय विदेशों में जमा अपनी अघोषित संपत्ति का खुलासा करते हैं तो उन पर 30 प्रतिशत कर और 30 प्रतिशत जुर्माना लगा कर उन्हें छोड़ दिया जाएगा और वे कानूनी कार्रवाई से बच जाएंगे। अगर ऐसा नहीं होता, तो उन्हें 30 प्रतिशत कर देना होगा और उस पर 90 प्रतिशत जुर्माने के साथ 10 साल तक की जेल की सजा भी हो सकती है।

इस कानून के अनुसार जो लोग अपने बैंक खातों की सहीं जानकारी नहीं देगा, उसे छह माह से सात वर्ष तक की कठोर कारावास की सजा मिल सकती है और साथ ही  उस पर जुर्माना भी हो सकता। सरकार कई दिनों से कोशिश कर रही है कि भारतीयों द्वारा जमा कालेधन को वापस लाया जा सके।