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नई दिल्ली, 23 मार्च | भारत ने हुर्रियत कॉन्फ्रेंस की ओर इशारा करते हुए सोमवार को स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के साथ मुद्दे सुलझाने के लिए किसी तीसरे पक्ष की जरूरत नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि पाकिस्तान के साथ आगे बढ़ने का एकमात्र तरीका शांतिपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता है। अकबरुद्दीन ने कहा, “कई अवसरों पर यह बात दोहराई गई है कि तथाकथित हुर्रियत की भूमिका पर भारत के रुख को लेकर किसी तरह की गलतफहमी या गलत बयानी की कोई गुंजाइश नहीं होगी। यह भी पढ़ें– पाकिस्तान के साथ सभी मुद्दे सुलझाए जा सकते हैं : नरेंद्र मोदी Also Read - FATF Grey List: Imran Khan को फिर लगा झटका, FATF की 'ग्रे लिस्ट' में बना रहेगा पाकिस्तान

उन्होंने कहा कि भारत-पाकिस्तान के मुद्दों पर केवल दो ही पक्ष हैं और इसमें किसी तीसरे पक्ष के शामिल होने के लिए बिल्कुल जगह नहीं है। उन्होंने कहा, “शिमला समझौते और लाहौर घोषणा के दायरे में दोनों देश सिर्फ शांतिपूर्ण द्विपक्षीय बातचीत के जरिए ही सभी लंबित मुद्दों पर आगे बढ़ सकते हैं।” हुर्रियत कॉन्फ्रेस के नेता सोमवार शाम यहां पाकिस्तान दिवस समारोह में हिस्सा ले सकते हैं।  यह भी पढ़ें–पाकिस्तान के साथ सीमा पर शांति सुनिश्चित करेंगे : मुफ्ती मोहम्मद सईद

हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नरमपंथी धड़े के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारुख ने कहा कि उनका समूह भारत और पाकिस्तान के बीच एक सेतु बनना चाहता है। पिछले साल भारत के आग्रह की अनदेखी कर पाकिस्तान के राजदूत ने कश्मीर के अलगाववादी नेताओं के साथ मुलाकात की थी, जिसके बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ विदेश सचिव स्तर की वार्ता रद्द कर दी थी।