श्रीनगर: कट्टरपंथी वरिष्ठ अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने मंगलवार को कहा कि वह पाकिस्तानी उच्चायुक्त द्वारा 21 जुलाई को आयोजित किए जाने वाले ईद मिलन समारोह में नहीं शामिल होंगे। उन्होंने पाकिस्तान से प्रतीकात्मक विरोध जताने के लिए यह फैसला किया है। यहां जारी एक बयान में गिलानी ने कहा कि पिछले सप्ताह रूस के शहर उफा में भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों की बैठक के बाद जारी किए गए संयुक्त बयान में कश्मीर मुद्दे का जिक्र नहीं किया गया है, जिससे 1.3 करोड़ लोगों का भविष्य जुड़ा हुआ है। यह भी पढ़े:डिग्री फर्जी नहीं पर गिरफ्तारी दूंगा :आप विधायक सुरेंद्र सिंहAlso Read - J&K: आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन करना पड़ा भारी, गिलानी के पोते को सरकारी नौकरी से किया गया बर्खास्त

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बयान के मुताबिक, “उफा में जारी संयुक्त बयान में कश्मीर का विशेष रूप से उल्लेख करने में विफल होना मानवीय समस्याओं के प्रति बेरुखी दर्शाता है, जो भारत और पाकिस्तान के हिस्से वाले कश्मीर में रह रहे 1.3 करोड़ लोगों के जीवन और उनके भविष्य से जुड़ा हुआ है।” उन्होंने कहा, “प्रतीकात्मक विरोध के रूप में मैंने फैसला किया है कि मैं पाकिस्तान उच्चायुक्त द्वारा दिल्ली में आयोजित किए जाने वाले ईद मिलन समारोह में नहीं जाऊंगा।” नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायुक्त ने सभी 11 वरिष्ठ कश्मीरी अलगाववादी नेताओं को इस समारोह के लिए निमंत्रण भेजा है। Also Read - गिलानी के पार्थिव शरीर को पाकिस्तानी झंडे में लपेटना पड़ा भारी, केस दर्ज; महबूबा बोलीं- कश्मीर को खुली जेल बना दिया