नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस महामारी के बाद तबलीगी जमात (Tabligi Jamaat) मामले ने खूब तूल पकड़ा. इसी मामले पर अब दिल्ली पुलिस द्वारा 14 हजार पन्नों की 20 चार्जशीट दाखिल की गई है. इसमें लगभग 20 देशों के कुल 83 जमातियों के नाम शामिल हैं. यही नहीं इसमें तबलीगी जमात के प्रमुख मौलाना साद के नाम भी शामिल किए गए हैं. अब मौलान साद की परेशानियां बढ़ती दिख रही हैं. Also Read - दिल्ली पुलिस के हांथ लगी बड़ी सफलता, ISI के इशारों पर काम रहे तीन खालिस्तानी समर्थकों को किया गिरफ्तार

बता दें कि सभी 83 विदेशी जमातियों पर एपिडेमिक डिसीस एक्ट, डिजास्टर एक्ट और फॉरेनर एक्ट धाराएं लगाई गई हैं. बता दें कि 12 जून को दिल्ली की एक कोर्ट इस मामले पर सुनवाई करेगी. इन विदेशी जामातियों में 20 देशों के 83 जमाती शामिल हैं. इनमें यूक्रेन, ऑस्ट्रेलिया, मिस्त्र, चीन, अमेरिका, ब्राजील, अल्गेरिया, बेल्जियम, सऊदी अरब, रूस, अफगानिस्तान, ट्यूनेशिया, यूनाइटेड किंगडम, जॉर्डन, फ्रांस, कजाकिस्तान, सूडान, फिलीपिंस मोरक्को और फिजी जैसे देशों के जमाती शामिल हैं. Also Read - तबलीगी जमात से जुड़े 3,500 विदेशी नागरिकों को काली सूची में डाला गया, फैसले के खिलाफ याचिकाएं दायर

बता दें कि सभी देशों के नागरिकों के लिए अलग अलग चार्जशीट दाखिल की गई है. यानी कुल 20 चार्जशीट 83 जमातियों के खिलाफ दाखिल की गई है. इस चार्जशीट में सुनवाई के दौरान मौलाना साद की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि विदेश से आए सभी नामजद 83 जमातियों के वीजा पर निजामुद्दीन स्थित मरकज का ही पता (Address) दिया गया है. इससे सीधा पता चलता है कि ये सभी लोग निजामुद्दीन मरकज में शामिल होने आए थे. Also Read - WhatsApp यूजर्स दें ध्यान, एक छोटी सी गलती से हो सकता है बड़ा नुकसान, अकाउंट से जुड़ा है मामला