नई दिल्लीः भारत में कोरोना वायरस का विस्फोट करने वाले तबलीगी जमात के मुखिया का मामला अब ठंडे बस्ते में चला गया है. साजिश के तहत वायरस फैलाने समेत कई आरोपों में मौलाना साद और उसके चार आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज है. कोरोना के हालात को संभालने की वजह से अब इस मामले की जांच कुंद हो गई है. मंगलवार को जब न्यूज एजेंसी आईएएनएस निजामुद्दीन पर बने क्राइम ब्रांच के अस्थाई थाने पर पहंची तो वहां एक भी अधिकारी नहीं था. मौजूद कर्मियों ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि यह मौलाना साद के खिलाफ जांच कर रही टीम को दिया गया अस्थाई कार्यालय है लेकिन सुबह से कोई यहां आया ही नहीं. Also Read - Covid 19 Long Term Effects: शोध में हुआ खुलासा, कोरोना से उबर चुके लोगों को दिख रहे हैं ड्रिप्रेशन और थकान जैसे गंभीर लक्षण

जब कर्मियों से पूछा गया कि अफसर आखिरी बार कब आए तो उन्होंने कहा कि “शुरू के कुछ दिनों तक तो डीसीपी साहब (ज्वाय टिर्की) एसीपी इंस्पेक्टर की टीमें आती रहीं. धीरे-धीरे उन लोगों का आना कम हो गया. आज (मंगलवार) तो कोई पूरे दिन नहीं आया.” इस बाबत पूछे जाने पर क्राइम ब्रांच के ही सूत्रों ने मंगलवार शाम कहा, “अब उधर (निजामुद्दीन थाना परिसर में बने अस्थाई कार्यालय में) कुछ नहीं है. वैसे भी इलाका हॉट-स्पॉट डिक्लेयर कर दिया गया है. हम लोग अपना काम कहीं से भी कर लेंगे.” Also Read - Viral Video: ना दो गज की दूरी- ना मास्क, साड़ी की दुकान पर भारी भीड़, IPS बोले- यहां तो कोरोना भी घुसने से डरेगा...

दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक, “आज ही (मंगलवार) मौलाना मो. साद के होम क्वारंटाइन की अवधि खत्म हो चुकी है.” जब मौलाना साद की होम क्वारंटाइन की अवधि खतम हो चुकी है, तो फिर उन्हें बुलाकर क्राइम ब्रांच की टीमें पूछताछ क्यों नहीं कर रही है? इस सवाल के जबाब में दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के ही एक अधिकारी ने कहा, “अभी नामजद आरोपियों की मेडिकल रिपोर्ट आनी बाकी है. रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की जांच कार्यवाही निर्भर है.” Also Read - India Corona Updates: 24 घंटे में देश में कोरोना के 55 हजार से अधिक मामले, एक्टिव केस साढ़े सात लाख के नीचे

उधर, सोमवार को मीडिया से बातचीत करते हुए दिल्ली पुलिस के एक आला अधिकारी ने भी कहा था, “जमात मामले की जांच जारी है. जांच सही दिशा में चल रही है. इसलिए वक्त लग रहा है.” दिल्ली पुलिस अपराध शाखा के सूत्रों की मानें, तो कानूनी रूप से मौलाना का लुक आउट नोटिस जारी किए जाने की कार्यवाही अभी बची है. हालांकि, उस पर भी विचार हुआ है. मगर इस विषय पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है.

आरोपियों के लुकआउट नोटिस में विलंब क्यों? पूछने पर क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने कहा, “एलओसी जारी करने के लिए हमें किसी से पूछना नहीं है. न ही यह कोर्ट से संबंधित बात है. हम जब चाहेंगे तो एफआरआरओ (क्षेत्रीय विदेशी पंजीयन विभाग) को डिटेल लिखकर दे देंगे. साथ ही मौलाना और बाकी सब आरोपी हमारे संपर्क में हैं. हमारे सभी नोटिसों का जबाब भी आरोपियों ने दिया है. हालांकि, यह जबाब जांच को आगे बढ़ाने जैसे थे. लिहाजा अंतिम निर्णय पर आमने सामने जांच के बाद ही पुहंचा जा सकेगा.”

(इनपुटः आईएएनएस)