नई दिल्ली: सरकार ने बुधवार को क्षेत्रीय उपायुक्तों को ऐसे मकान मालिकों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई’ करने का निर्देश दिया है, जो कोरोना वायरस के डर से डॉक्टरों और अन्य पैरामेडिकल कर्मियों पर किराए के घर खाली करने का दबाव बना रहे हैं. Also Read - Corona Cases In Maharashtra: राज्य में आज भी मिले 60 हजार से अधिक केस, हालात गंभीर

सरकारी अधिसूचना के मुताबिक इस तरह का बर्ताव कोविड-19 वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ाई की जड़ पर वार करता है और यह आवश्यक सेवाओं में बाधा उत्पन्न करने के बराबर है. Also Read - महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, छत्तीसगढ़ सहित इन 10 राज्यों में तेजी से फैल रहा कोरोना; 80% से ज्यादा केस मिले, सैकड़ों की मौत

दिल्ली महामारी रोग, कोविड-19 नियमन को लागू करते हुए इसमें कहा गया कि जिला मजिस्ट्रेट, नगर निगमों के क्षेत्रीय उपायुक्त और पुलिस उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कानून के संबंद्ध प्रावधानों के तहत ऐसे मकान मालिकों और घरों के मालिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें.’’ Also Read - Delhi reports new #COVID19 cases: दिल्ली में आज मिले कोरोना के इतने मरीज, 100 के अधिक लोगों की मौत

इसमें अधिकारियों से कहा गया है कि वे प्रतिदिन रिपोर्ट भेजें और बताएं कि उन्होंने क्या कदम उठाए हैं. इससे पहले एम्स के रेसिडेंट डॉक्टरों ने मंगलवार को कहा था कि उनके कुछ सहकर्मियों को दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है और खासतौर पर मकान मालिक उन्हें घर खाली करने को कह रहे हैं. उन्होंने इस मामले में सरकार से दखल देने की गुहार लगाई थी.

गृह मंत्री अमित शाह को भेजे पत्र में रेसिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने कहा था कि उनके कई सहकर्मियों को अपने सामान के साथ सड़कों पर आना पड़ा है. एसोसिएशन ने उनसे अनुरोध किया कि वह तत्काल आदेश जारी करके स्वास्थ्य देखभाल में जुटे पेशेवरों से मकान मालिकों द्वारा घर खाली करवाए जाने पर रोक लाएं.

इसके बाद गृह मंत्री ने दिल्ली पुलिस प्रमुख से बात की और इस तरह की किसी भी घटना को रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने भी ऐसी खबरों पर गहरा दुख जताया था.