Taliban News: अमेरिका ने अफगानिस्तान की आर्मी को ट्रेनिंग दी थी और अत्याधुनिक हथियारों से लैस किया था, जिसे अब तालिबानी लड़कों ने लूट लिया है और अब  इन हथियारों को तालिबान पाकिस्तान भेज रहा है. इस बात का खुलासा भारतीय सैन्य अधिकारियों ने किया है और साथ ही ये भी कहा है कि तालिबान पाकिस्तान के इशारे पर इन हथियारों का इस्तेमाल भारत के लिए तो बाद में पाकिस्तान के लिए पहले कर सकता है. शीर्ष सैन्य अधिकारियों का मानना है कि लूटा गया अमेरिकी हथियारों का जखीरा भारत पहुंचे, इससे पहले वह पाकिस्तान को खून से रंग देगा.Also Read - ISI Terror Module: ओसामा के चाचा ने प्रयागराज में सरेंडर किया, देश में पूरे आतंकी नेटवर्क को को-ऑर्डिनेट कर रहा था

उनका कहना है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (ISI) के पाले हुए आतंकी संगठन पहले इन हथियारों का इस्तेमाल पाकिस्तान में हिंसा फैलाने के लिए करेंगे, फिर कहीं उनका भारत की तरफ रुख होगा. पाकिस्तान से तालिबान बड़ी दगाबाजी कर सकता है, इसकी संभावना जताई जा रही है. Also Read - कोहली के कप्तानी छोड़ने से फैसले से हैरान हुए पठान; कहा- अगर भारत टी20 विश्व कप जीत गया तो क्या होगा?

सैन्य अधिकारियों ने ये भी कहा कि पाकिस्तान से तालिबान द्वारा इन हथियारों को  भारत में चल रहे आतंकवादी समूहों तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी, लेकिन भारत के सुरक्षा बल उनसे निपटने को पूरी तरह तैयार है जो इन हथियारों का इस्तेमाल भारत में करने का ख्वाब भी देख रहे होंगे. Also Read - Terror Module: महाराष्‍ट्र ATS- मुंबई पुलिस ने आतंकी मॉड्यूल से जुड़े एक व्‍यक्ति को मुंबई में हिरासत में लिया

वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने कहा, ‘ ऐसी कई खबरें मिल रही हैं कि तालिबान द्वारा अमरिकी हथियार, खासकर छोटे-छोटे हथियार पाकिस्तान भेजे जा रहे हैं. बता दें कि तालिबान के काबुल फतह से पाकिस्तानी आतंकवादी बहुत ज्यादा उत्साहित हैं और ऐसे में तालिबान से भेजे गए उन हथियारों से पाकिस्तान में ही हिंसा फैलाए जाने की पूरी आशंका है.’

जानकारी के मुताबिक अमेरिकी फौज ने अफगानी फौज को 6.5 लाख छोटे हथियार दिए थे जिनमें एम-16 और एम-4 असॉल्ट राइफलें भी शामिल हैं. तालिबान ने अफगानी फौज से तालिबानी लड़ाकों ने लूट लिए हैं. सूत्रों का कहना है कि ये सारे चीजें पाकिस्तानी आर्मी के हाथ लग सकती है.

अधिकारियों ने बताया कि, कश्मीर घाटी में भारतीय सेना ने इतनी पुख्ता तंत्र बना रखा है कि आतंकवादी चाहे कितने भी आधुनिक हथियार और जीवन रक्षक यंत्रों से लैस हो जाएं, उन्हें मुंह की खानी ही होगी. भारतीय सेना के ज्यादातर बड़े अधिकारी 1990 के दशक में वहां आतंकवाद से मुकाबला कर चुके हैं.