केजरीवाल का ‘टाक टू एके’ कार्यक्रम जारी है। अरविंद केजरीवाल टाक टू एके कार्यक्रम के जरिए इस वक्त अपने सरकार की उपलब्धियाँ गिना रहे हैं। वो जनता के सवालों के जवाब भी दे रहे हैं। इसके लिए बाकायदा वेबसाइट बनाई गई थी और लोगों से सवाल पूछने की अपील की गई थी। अब तक इस कार्यक्रम के लिए केजरीवाल से 15 हजार सवाल आ चुके हैं। कुछ सवाल तो काफी रोचक भी हैं। इस कार्यक्रम का संचालन विशाल ददलानी कर रहे हैं।Also Read - AAP MLA Somnath Bharti Arrested: सोमनाथ भारती गिरफ्तार, कहा था-UP के अस्पतालों में कुत्ते के बच्चे पैदा होते हैं

केजरीवाल अपनी बात-चीत के शुरू से ही केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर रखा। उन्होंने कहा कि जिसके मन नेे चोर होता है वो सिर्फ मन की बातें ही करेगा। जो ईमानदार होते हैं वो जनता का सामना करते हैं और उनके सवालों के जवाब देते हैं। केजरीवाल ने अपनी डेढ साल की सरकार की उपलब्धियों को गिनाया। जल, बिजली, कर इत्यादि हर विषय पर अपनी बात कही। उन्होंने कहा कि हमने जनता को एक ईमानदार सरकार दी है। Also Read - AAP नेता मनीष सिसोदिया का बड़ा ऐलान-उत्तराखंड में सभी 70 सीटों पर चुनाव लड़ेगी हमारी पार्टी

सवालः- एक तरफ आप कहते हैं कि मोदी जी काम नहीं करने देते और दूसरी तरफ आप विज्ञापन करते हैं कि आपने इतना काम किया वो कैसे? Also Read - Delhi Violence: मुआवजे के लिए पहले दिन 69 लोगों ने किया आवेदन

अरविंद का जवाबः अरविंद ने इस सवाल के जवाब में बोले की बाधाएँ तो आईँ हैं लेकिन हमने जितने काम गिनाए उतना किया है। अगर ये बाधाएँ नहीं आई होती तो हम दुगना- तिगुना काम कर के दिखाते। हमारे अफसरों को परेशान किया जा रहा है। लेकिन हम परेशान नही होंगे। वो परेशान करते रहेंगे। हम काम करते रहेंगे।

सवालः- केजरीवाल जी आपने विज्ञापन पर 526 करोड़ रुपए खर्च किए। लेकिन उसे दिल्ली में ही विज्ञापन करिए पूरे देश में क्यों नाक में दम कर रहे हैं?

केजरीवाल का जवाबः पहली बात कि ये प्रोपेगेंडा है कि हमने 526 करोड़ खर्च किए। असलियत ये है कि हमने सिर्फ 76 करो़ड़ खर्च किए। दिल्ली में पूरे भारत के लोग रहते हैं इसलिए अगर सरकार की कुछ उपलब्धि है तो देश को पता भी तो चलना चाहिए। इसके लिए केजरीवाल ने कई उदाहरण भी दिए।

सवालः आपको 21 विधायकों को संसदीय सचिव बनाने की जरूरत क्या थी?

केजरीवाल का जवाबः हमने 21 अलग अलग विधायकों को संसदीय सचिव की पोस्ट देने की जरूरत इसलिए थी क्योंकि अगर वो कहीं जाँच पड़ताल के लिए जाता था तो उसको एक पद की जरूरत थी। विधायक अगर किसी और विभाग में जाता था तो उसे आथेंसिटी नहीं होती थी। केंद्र विधायकों को खाली बैठाना चाहती है लेकिन काम नहीं करने देना चाहती।

सवालः मैंने सड़क के संबंध में एक रिपोर्ट भेजी थी। उसका अभी तक कोई हल नहीं हुआ?

केजरीवाल का जवाबः मैं अभी आपकी डिटेल्स नोट करवाता हूँ, कल ही आपके यहाँ हमारा अधिकारी आ जाएगा।

सवालः आप युवाओं के लिए क्या करने जा रहे हैं?

केजरीवाल का जवाबः आम आदमी पार्टी युवाओं की पार्टी है। हमारा कोई नेता पहले से किसी राजनीतिक परिवार का नहीं रहा है। हम अपने कई विभाग में युवाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने की सोच रहे हैं।