नई दिल्ली: पाकिस्तान ने 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले भारत से बातचीत करने से इनकार कर दिया है. पड़ोसी मुल्क का कहना है कि लोकसभा चुनाव से पहले भारत के साथ शांति वर्ता संभव नहीं है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले भारत के साथ रुकी हुई शांति वार्ता फिर से बहाल होना संभव नहीं है. इस्लामाबाद में पाकिस्तान सिनेट स्टैंडिंग कमेटी की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कुरैशी ने ये बातें कही. पाकिस्तान के अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की खबर के मुताबिक, पाकिस्तान की सरकार ने प्रधानमंत्री इमरान खान के चीन और सऊदी अरब के दौरे के बारे में भी पैनल को जानकारी दी. इसके अलावा पाकिस्तान का अपने पड़ोसी मुल्क भारत और अफगानिस्तान के रिश्ते के बारे में भी पैनल को बताया गया.

पाकिस्तान का बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में प्रधानमंत्री इमरान खान ने दोनों देशों के बीच रिश्ते नहीं सुधरने के लिए भारत की आलोचना की थी. पीएम इमरान खान के कहा था कि 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद नई सरकार के गठन के बाद ही वह भारत की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाएंगे.

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पाकिस्तान पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए अमेरिकी उप राष्ट्रपति माइक पेंस से बुधवार को कहा कि विश्व भर में हुए आतंकवादी हमलों के सभी सुराग ‘एक ही सूत्र और एक ही स्थान से उपजे होने ’की ओर इशारा करते हैं. मोदी ने सिंगापुर में ईस्ट एशिया समिट से इतर पेंस से आपसी हितों वाले अनेक द्विपक्षीय तथा वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की . साथ ही पाकिस्तान में हाल ही में आयोजित चुनावों में आतंकवादियों के चुनाव लड़ने पर भी चिंता जताई. दोनों नेताओं के बीच मुलाकात के बाद विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया कि आंतकवाद के मुद्दे पर भी चर्चा हुई.

गोखले ने बताया की बातचीत के दौरान पेंस ने 26 नवम्बर को मुंबई आतंकवादी हमले के 10 वर्ष पूरा होने का जिक्र किया और आंतकवाद को शिकस्त देने के लिए दोनों पक्षों के बीच सहयोग की सराहना की. मोदी ने सहानुभूति जताने के लिए पेंस का आभार जताया, साथ ही किसी भी देश अथवा संगठन का नाम लिए बिना कहा कि विश्व भर में हुए आतंकवादी हमलों के सभी सुराग किसी न किसी प्रकार से ‘एक ही सूत्र और एक ही स्थान से उपजे होने ’की ओर इशारा करते हैं.उनका इशारा परोक्ष रूप से पाकिस्तान की ओर था.

विश्व भर में हुए आतंकवादी हमलों में बड़ी संख्या में पाकिस्तानी मूल के लोगों का हाथ होने की बात सामने आई है. कैलिफोर्निया के सैन बर्नार्डिनों में दो दिसंबर 2015 को पाकिस्तानी मूल के व्यक्ति की गोलीबारी में 14 लोग मारे गए थे. वहीं जून 2017 में लंदन में चाकू से हमला करने वाले तीन आतंकवादियों में से एक पाकिस्तानी मूल का था.इस हमले में सात लोग मारे गए थे और 49 लोग जख्मी हो गए थे. मोदी ने मुंबई आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद की पार्टी के पाकिस्तान में 25 जुलाई को चुनाव लड़ने पर भी चिंता जताई.