चेन्नई: विल्लुपुरम जिले के सेंजी शहर में एक मजदूर की बेटी ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में असफल हो जाने के बाद कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. यह उसका दूसरा प्रयास था. पुलिस ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने सोमवार को नीट के परिणाम की घोषणा की थी. ‘ नीट ’ देशभर में मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में नामांकन के लिए एक प्रवेश परीक्षा है. पुलिस ने बताया कि प्रतिभा ने सोमवार को जहर खा लिया था , और फिर उल्टी कर दी, जिसके बाद उसके परिवार वाले उसे एक अस्पताल ले गए. वहां एक डॉक्टर ने उसे बेहतर इलाज के लिए जिला मुख्यालय के अस्पताल में ले जाने की सलाह दी. रात नौ बजे उसे मृत घोषित कर दिया गया.

उन्होंने बताया कि उसने एक पत्र छोड़ रखा था, जिसमें उसने लिखा था कि उसका सपना एक डॉक्टर बनना था, लेकिन नीट के सवाल काफी मुश्किल थे. पुलिस के मुताबिक, दसवीं कक्षा की परीक्षा में लड़की ने कुल 500 में से 490 अंक और 12 वीं कक्षा की परीक्षा में कुल 1200 में से 1125 अंक हासिल किए थे. किसी निजी कॉलेज में मेडिकल की पढ़ाई का खर्चा नहीं उठा सकने की स्थिति में लड़की ने इस साल नीट की परीक्षा देने का फैसला किया था. यह उसका दूसरा प्रयास था. कुल 700 में से उसे सिर्फ 39 अंक ही मिले.

पिछले साल भी अरियालुर की एक दलित लड़की अनिता ने नीट में कम अंक मिलने पर आत्महत्या कर ली थी. जिसपर राजनीतिक विवाद पैदा हो गया था. इस साल , नीट की परीक्षा के लिए कुल 13.36 लाख छात्रों ने पंजीकरण कराया था. हालांकि , 12.69 अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें से 7.14 लाख छात्र पास कर सके. इसमें 6.3 लाख छात्र जनरल कैटेगरी के हैं. 720 में 691 अंक लाकर बिहार की कल्पना कुमारी ने टॉप किया है. इस साल NEET परीक्षा की टॉप-20 सूची में 5 छात्र दिल्ली के शामिल हैं.