चेन्नई: तमिलनाडु की अन्नाद्रमुक सरकार ने अंतत: राजीव गांधी हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे सभी सात दोषियों को रिहा करने की सिफारिश प्रदेश के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित से करने का निर्णय किया है. मत्स्यपालन मंत्री डी जयकुमार ने मीडियाकर्मियों को बताया कि मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी की अध्यक्षता में यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस संबंध में एक प्रस्ताव स्वीकार कर लिया गया. सातों दोषियों मुरूगन, संतन, पेरारीवलन, जयकुमार, रविचन्द्रन, रॉबर्ट पायस और नलिनी को रिहा करने के लिए राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित को सिफारिश करने का निर्णय लिया गया है. मत्स्यपालन मंत्री ने कहा कि मंत्रिमंडल के इस प्रस्ताव को राज्यपाल के पास तत्काल भेजा जाएगा.

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बता दें केंद्र ने 10 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि वह राजीव गांधी हत्याकांड मामले में सात दोषियों को बरी करने के प्रस्ताव से सहमत नहीं है. केंद्र ने कहा कि उनकी सजा में कटौती से खतरनाक नजीर बनेगी और उसका अंतरराष्ट्रीय असर होगा.

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सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के राज्यपाल से इस मामले के एक अन्य दोषी पेरारीवलन की दया याचिका पर संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत विचार करने को कहा था और केन्द्र की उस याचिका का निपटारा कर दिया था, जिसमें दोषियों को रिहा करने के लिए तमिलनाडु सरकार के इससे पहले के प्रस्ताव का विरोध किया गया था. कोर्ट के इस निर्णय के कुछ दिनों बाद तमिलनाडु सरकार ने यह कदम उठाया है.

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पेरारीवलन की दया याचिका पर विचार करें राज्यपाल
बीते 6 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने को तमिलनाडु के राज्यपाल से कहा कि वह साल 1991 में हुए राजीव गांधी हत्याकांड मामले में दोषी ठहराए गए एजी पेरारीवलन की दया याचिका पर विचार करें. न्यायमूर्ति रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा और न्यायमूर्ति के एम जोसफ की एक पीठ ने अभियुक्तों की रिहाई के संबंध में एक प्रस्ताव से जुड़ी केंद्र की याचिका को निस्तारित किया। यह याचिका तमिलनाडु सरकार द्वारा दायर की गई थी.

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राज्यपाल के यहां दो साल से लंबित थी याचिका
पेरारीवलन ऊर्फ अरीवू (47) ने 20 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि तमिलनाडु के राज्यपाल के समक्ष उसके द्वारा दायर दया याचिका पर दो साल से ज्यादा वक्त हो जाने के बाद भी कोई फैसला नहीं हुआ है. उस पर नौ वोल्ट की बैटरी की आपूर्ति का आरोप था जिसका इस्तेमाल पर उस बेल्ट बम को बनाने के लिए किया गया था जिससे पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और 14 अन्य की हत्या हुई.

14 लोगों की मौत हुई थी
बता दे कि भूतपूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में 21 मई,1991 को हत्या कर दी गई थी. तमिलनाडु के श्रीपेरूंबुदूर में 21 मई 1991 को एक चुनावी रैली में आत्मघाती महिला हमलावर ने धमाका कर राजीव गांधी की हत्या कर दी थी. इस हमलावर की पहचान तनु के रूप में की गई थी. इस धमाके में तनु समेत 14 लोग मारे गए थे. यह आत्मघाती बम धमाके का संभवत: पहला मामला था जिसमें एक हाईप्रोफाइल वैश्विक नेता की जान. इस मामले में सात अन्य लोगों के साथ दोषी करार दिए गए पेरारीवलन ने संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत दया याचिका दायर कर राज्यपाल से रियायत या माफी की मांग की थी.