आजादी के बाद पहली बार तमिलनाडु में वोटों की सुनामी! 84% से ज्यादा मतदान से बदलेगी सियासी हवा, समझिए सत्ता का खेल

Written By: Tanuja Joshi Updated by: Tanuja Joshi
Updated Date:April 23, 2026 10:15 PM IST

तमिलनाडु चुनाव 2026 में रिकॉर्ड 84% से ज्यादा मतदान हुआ. लोगों का जबरदस्त उत्साह दिखा. ज्यादा वोटिंग को बदलाव का संकेत माना जा रहा है, जिससे मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है. अब सबकी नजर नतीजों पर टिकी है.

Tamil Nadu Elections 2026: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 ने लोकतंत्र के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड बना दिया है. राज्य में इस बार 84.73% मतदान दर्ज किया गया, जो आजादी के बाद अब तक का सबसे ज्यादा आंकड़ा माना जा रहा है. इस भारी मतदान ने राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है, क्योंकि आमतौर पर ज्यादा वोटिंग को बदलाव की आहट के तौर पर देखा जाता है.

Advertising
Advertising

राज्य की 234 विधानसभा सीटों पर हुए इस चुनाव में करीब 5.73 करोड़ मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं. युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक में मतदान को लेकर खासा उत्साह नजर आया. चुनाव आयोग ने भी इस बार शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे, जिसमें लाखों कर्मियों की तैनाती की गई.

पिछले साल कितना था वोटिंग परसेंटेज

अगर पिछले चुनावों से तुलना करें तो यह आंकड़ा चौंकाने वाला है. 2021 में जहां 73.63% मतदान हुआ था, वहीं इस बार यह आंकड़ा 84% से ऊपर पहुंच गया. हालांकि, इस बार कुल मतदाताओं की संख्या में कमी आई है. विशेष पुनरीक्षण के बाद मतदाता सूची में करीब 56 लाख नाम कम हो गए, जिससे कुल संख्या घटकर 5.73 करोड़ रह गई. इसके बावजूद प्रतिशत के हिसाब से यह ऐतिहासिक उछाल है.

तमिलनाडु के चुनावी इतिहास में 2011 को अब तक का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जाता था, जब 78% से ज्यादा मतदान हुआ और सत्ता परिवर्तन देखने को मिला. उससे पहले 1967 का चुनाव भी बेहद अहम था, जिसने राज्य में द्रविड़ राजनीति की नींव मजबूत की, लेकिन 2026 के ये आंकड़े इन सभी रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ते नजर आ रहे हैं.

इस चुनाव की सबसे दिलचस्प बात महिलाओं की भागीदारी रही. राज्य में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से ज्यादा रही और उन्होंने बड़ी संख्या में मतदान किया. पिछले कुछ चुनावों की तरह इस बार भी महिलाओं को सबसे बड़ा वोट बैंक माना जा रहा है. राजनीतिक दलों ने अपने घोषणापत्र में महिलाओं के लिए कई योजनाएं पेश की थीं, जिसका असर मतदान प्रतिशत में साफ दिख रहा है.

राजनीतिक मुकाबले की बात करें तो इस बार मुख्य टक्कर द्रविड़ मुन्नेत्र कजगम और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कजगम के बीच है. वहीं, मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की अगुवाई में सत्ताधारी दल अपनी वापसी की उम्मीद कर रहा है, लेकिन इस बार मुकाबला सीधा नहीं है. अभिनेता विजय की पार्टी 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) ने चुनाव को त्रिकोणीय बना दिया है. युवाओं में विजय की लोकप्रियता ने नए मतदाताओं को बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों तक खींचा है. इसके अलावा अन्य क्षेत्रीय दल भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराने में लगे हैं.

मतगणना पर टिकी हैं नजरें

अब सभी की नजर मतगणना पर टिकी है, जो 4 मई को होगी. तब यह साफ होगा कि क्या यह भारी मतदान सत्ताधारी दल की वापसी सुनिश्चित करेगा या फिर तमिलनाडु में एक नई राजनीतिक कहानी लिखी जाएगी. फिलहाल इतना तय है कि 2026 का यह चुनाव राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है.

Add India.com as a Preferred Source

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें मनोरंजन की और अन्य ताजा-तरीन खबरें