क्या तमिलनाडु में बनेगी विजय की सरकार? TVK को मिला VCK का समर्थन

Written By: Tanuja Joshi Updated by: Tanuja Joshi
Updated Date:May 9, 2026 6:53 PM IST

तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा मोड़ आता दिख रहा है. वीसीके (VCK) ने विजय की पार्टी टीवीके (TVK) को समर्थन देने के संकेत दिए हैं. हालांकि, राज्यपाल ने अभी सरकार बनाने का न्योता नहीं दिया है, लेकिन चेन्नई में सियासी गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं.

VCK Support TVK: तमिलनाडु की राजनीति इस समय बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच चुकी है. अभिनेता से नेता बने थलपति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) लगातार सरकार बनाने की कोशिशों में जुटी हुई है. इसी बीच विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) की तरफ से समर्थन मिलने की खबरों ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है. अब हर किसी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या विजय तमिलनाडु के अगले मुख्यमंत्री बन पाएंगे.

Advertising
Advertising

शनिवार (09 मई, 2026) को चेन्नई में राजनीतिक बैठकों का दौर जारी रहा. विजय ने एक बार फिर राज्यपाल आरएन रविशंकर अर्लेकर से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया. ये तीसरी बार है जब उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात की. हालांकि, राज्यपाल ने साफ बहुमत नहीं होने का हवाला देते हुए अभी तक उन्हें सरकार बनाने का न्योता नहीं दिया है.

IUML का भी मिला समर्थन

केवल वीसीके ही नहीं बल्कि (IUML) आईयूएमएल ने भी टीवीके को बिना शर्त समर्थन दे दिया. आईयूएमएल और वीसीके, दोनों ने दो-दो सीटें जीतीं, लेकिन विजय और तमिलनाडु में अनिश्चितता का माहौल बना रहा. जन नायकन स्टार विजय तीन दिनों में राज्यपाल से हुई अपनी तीन बैठकों में तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए न्यूनतम 118 विधायकों का समर्थन साबित करने में विफल रहे थे.

वीसीके और आईयूएमएल के समर्थन से विजय को अब 121 विधायकों का समर्थन प्राप्त है. इस घटनाक्रम के साथ ही चार दिनों से चल रही गहन राजनीतिक वार्ता समाप्त हो गई है. विजय की दो साल पुरानी पार्टी टीवीके ने डीएमके और एआईएडीएमके जैसी द्रविड़ पार्टियों को पछाड़ते हुए 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है. हालांकि, विजय को अपनी जीती हुई दो सीटों में से एक सीट छोड़नी होगी, इसलिए टीवीके की वास्तविक ताकत 107 रह गई है.

विजय को मिले 118 के जादुई आंकड़े

पांच सीटें जीतने वाली कांग्रेस, डीएमके (जो दो दशकों से उसकी सहयोगी थी) का साथ छोड़ने के बाद टीवीके का मजबूती से समर्थन करने वाली पहली पार्टियों में से एक थी. शुक्रवार को, वामपंथी दलों ने भी अपने चार विधायकों के साथ टीवीके को समर्थन दिया. अब, वीसीके और आईयूएमएल की तरफ से विजय को आधिकारिक तौर पर समर्थन देने के बाद, टीवीके को 120 विधायकों का समर्थन प्राप्त हो गया है.

हालांकि, कल रात तक अनिश्चितता बनी रही क्योंकि विजय के समर्थन में वीसीके का पत्र राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर तक नहीं पहुंचा था. बताया जा रहा है कि वीसीके प्रमुख थोल थिरुमावलवन इस बात से नाराज थे कि विजय ने पार्टी से व्यक्तिगत रूप से संपर्क करने के बजाय व्हाट्सएप संदेशों के माध्यम से समर्थन मांगा.

Add India.com as a Preferred Source

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें मनोरंजन की और अन्य ताजा-तरीन खबरें