चेन्नई: तमिलनाडु में अंतर जिला सार्वजनिक परिवहन बस सेवा बृहस्पतिवार से छह दिन के लिए बंद की जा रही है और किसी जिले से बाहर यात्रा के लिए ई-पास अनिवार्य किया जा रहा है. यह घोषणा सरकार ने कोविड-19 के बढते मामलों के बीच की. यह निर्णय मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी की अध्यक्षता में एक ऑनलाइन बैठक में जिलाधिकारियों द्वारा सुझाव देने के बाद लिया गया. Also Read - Lockdown Extended: गुवाहाटी में बढ़ाई गई लॉकडाउन की अवधि, अब 19 जुलाई तक चलेगी तालाबंदी

जिलाधिकारियों ने कहा कि जब कोई व्यक्ति बिना पास के यात्रा करता है और बाद में उसके संक्रमित होने की पुष्टि होती है तो ऐसे मामले में उक्त व्यक्ति के सम्पर्क में आये लोगों का पता लगाने में मुश्किल आती है. अधिकारियों ने कहा कि विभिन्न जोन के भीतर बिना रोक के यात्रा के कारण संक्रमण बढ़ रहा है. Also Read - COVID 19 के हालात पर पीएम नरेंद्र मोदी ने की बैठक, बोले- हर राज्य को अपनाना चाहिए दिल्ली मॉडल

पलानीस्वामी ने पाबंदियों में एक जून से दी गई ढील वापस लेने की घोषणा की. उन्होंने अधिकारियों के रुख का उल्लेख करते हुए कहा कि कार और दो पहिया वाहनों सहित निजी वाहन चालक बिना ई-पास के अंतर जोन यात्रा नहीं कर सकते. Also Read - BJP ने हदें पार कर दीं, हम जीवन बचाने में लगे हैं और वे सरकार गिराने में: CM गहलोत

उन्होंने एक बयान में कहा कि अन्य राज्यों और विदेश से आने वालों को पृथक-वास में रखा जाना चाहिए और उनका प्रवेश ई-पास उपलब्धता के अधीन होगी. ई-पास चिकित्सकीय आपात स्थिति, मृत्यु के मामलों या निकट संबंधियों के विवाह समारोह में शामिल होने के लिए जारी किये जाते हैं.

पलानीस्वामी ने यह कहा कि मदुरै में चावल राशन कार्ड धारकों को वहां मामलों में बढ़ोतरी के मद्देनजर सप्ताह भर का लॉकडाउन लागू होने को देखते हुए एक हजार रुपये की सहायता एक बार फिर मिलेगी. तमिलनाडु में बुधवार को एक दिन में अब तक सबसे अधिक 2865 नये मामले सामने आये जिससे कुल मामले बढ़कर 67468 हो गए. वहीं 33 और मरीजों की मौत होने से मृतक संख्या बढ़कर 866 हो गई.

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिना ई-पास के एक जोन (जिसमें आसपास के कई जिले आते हैं) में यात्रा की इजाजत देने की वर्तमान व्यवस्था पर अस्थायी तौर पर रोक लगा दी गई है. पलानीस्वामी ने कहा कि 25 जून से 30 जून तक लोग ई-पास के बिना किसी एक जिले में ही यात्रा कर सकते हैं.