चेन्नईः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच शिखर वार्ता से पहले यहां और निकटवर्ती मामल्लापुरम में जोर शोर से चल रहे सफाई अभियान का जिक्र करते हुए मद्रास उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को अपनी मौखिक टिप्पणी में कहा कि नेताओं को तमिलनाडु का दौरा अक्सर करना चाहिए, ताकि राज्य साफ-सुथरा बना रहे.

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न्यायमूर्ति एस वैद्यनाथन और न्यायमूर्ति सी सरवनन की अवकाश पीठ ने अवैध बैनर लगाने वालों को अधिकतम सजा देने के लिए विशेष कानून बनाए जाने मांग करने वाली याचिका की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की. अवैध बैनर गिरने से एक महिला आर सुबाश्री की मौत हो गई थी. महिला के पिता ने यह याचिका दायर की है.

पीठ ने कहा कि अब मामल्लापुरम बहुत साफ हो गया है. जब बड़े नेता आते हैं, सरकार तभी ऐसे कदम उठाती है. यदि तमिलनाडु को साफ-सुथरा बनाना है तो ऐसे नेताओं को अक्सर दौरे करते रहने होंगे. मोदी और शी की शुक्रवार को यहां से करीब 50 किलोमीटर दूर मामल्लापुरम में बैठक होनी है. इसके मद्देनजर चेन्नई और मामल्लापुरम में युद्ध स्तर पर सफाई और सौंदर्यीकरण का काम चल रहा है. इसी का जिक्र करते हुए न्यायाधीशों ने यह टिप्पणी की. मामले में आगे की सुनवाई के लिए 15 अक्टूबर की तिथि तय की गई है.

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चीनी राजदूत सुन वीदोंग राष्ट्रपति की इस यात्रा को लेकर कहा कि  हमारा विश्वास है कि शिखर वार्ता द्विपक्षीय संबंधों को उच्च स्तर पर ले जाएगी और क्षेत्रीय तथा वैश्विक शांति, स्थिरता एवं विकास पर इसका बड़ा और सकारात्मक असर पड़ेगा.