विजय और राहुल को मंच पर देख लगा सालों पुरानी है दोस्ती! क्या INDIA गठबंधन में एंट्री करने जा रहे हैं नए CM?
तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री विजय के शपथ समारोह में राहुल गांधी के साथ उनकी नजदीकी चर्चा का विषय बन गई. विजय लगातार 'सेक्युलर राजनीति' पर जोर दे रहे हैं, जिससे INDIA गठबंधन में उनकी संभावित एंट्री को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं.
तमिलनाडु की राजनीति में अभिनेता से नेता बने विजय अब केवल राज्य तक सीमित चेहरा नहीं रह गए हैं. मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद उनके पहले भाषण और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ मंच पर दिखी गर्मजोशी ने राष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चा शुरू कर दी है. सवाल उठ रहा है कि क्या विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) भविष्य में INDIA गठबंधन का हिस्सा बन सकती है?
विजय ने अपने शुरुआती राजनीतिक भाषणों से ही खुद को 'सेक्युलर' और 'सामाजिक न्याय' की राजनीति के समर्थक के रूप में पेश किया है. उनकी पार्टी ने शुरुआत से ही साफ किया कि वह किसी भी तरह की दक्षिणपंथी राजनीति से दूरी बनाए रखेगी. यही वजह है कि कांग्रेस ने भी समर्थन देते समय इस बात पर जोर दिया कि गठबंधन में कोई 'सांप्रदायिक ताकत' शामिल नहीं होनी चाहिए.
शपथ ग्रहण में संकेत
शपथ ग्रहण समारोह में राहुल गांधी की मौजूदगी ने राजनीतिक संकेतों को और मजबूत कर दिया. दोनों नेताओं के बीच मंच पर हुई बातचीत और सहज माहौल सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया. राहुल गांधी ने विजय को 'नई पीढ़ी की नई आवाज' बताते हुए उनके नेतृत्व की तारीफ की.
उन्होंने अपने भाषणों में पेरियार, अंबेडकर और कामराज जैसे नेताओं का जिक्र करते हुए सामाजिक समानता और धर्मनिरपेक्षता को अपनी राजनीति का आधार बताया है. विजय लगातार बीजेपी पर तीखे हमले करते रहे हैं. उन्होंने कई मौकों पर बीजेपी को अपनी 'वैचारिक विरोधी' बताया है. वहीं, डीएमके को उन्होंने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी कहा. दिलचस्प बात ये है कि कांग्रेस समेत वाम दलों ने भी विजय को समर्थन देने के पीछे 'सेक्युलर राजनीति' को सबसे बड़ा कारण बताया.
हालांकि, INDIA गठबंधन के अंदर इस नई राजनीतिक स्थिति ने तनाव भी पैदा किया है. डीएमके, जो पहले कांग्रेस की करीबी सहयोगी थी, अब खुद को अलग-थलग महसूस कर रही है. कुछ नेताओं ने यहां तक कह दिया कि पुराने गठबंधन का ढांचा अब बदल चुका है और नई राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार समीकरण बनेंगे.
विजय की पार्टी अभी संसद में मौजूद नहीं है, लेकिन तमिलनाडु में उनकी लोकप्रियता को देखते हुए 2029 लोकसभा चुनावों में उनकी भूमिका अहम मानी जा रही है. फिल्मी दुनिया से राजनीति में आए विजय की तुलना कई लोग एमजीआर और जयललिता जैसे नेताओं से भी कर रहे हैं, जिन्होंने तमिल राजनीति में बड़ा प्रभाव छोड़ा था.
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