तमिलनाडु में थलपति विजय के CM बनने पर फिर सस्पेंस, राज्यपाल के पास नहीं पहुंचा VCK का सपोर्ट लेटर, IUML ने भी मार ली पलटी

Written By: Anjali Karmakar Updated by: Anjali Karmakar
Updated Date:May 8, 2026 10:46 PM IST

तमिलनाडु विधानसभा में 234 सीटें हैं. बहुमत का आंकड़ा 118 है. थलपति विजय की TVK ने 108 सीटें जीती हैं. विजय ने दो सीटों पेरंबूर और तिरुचिरापल्ली सीट से चुनाव लड़ा. दोनों सीट से जीत मिली है. नियम के हिसाब से उन्हें एक सीट छोड़नी पड़ेगी.

तमिलनाडु में एक्टर थलपति विजय के मुख्यमंत्री बनने को लेकर फिर से सस्पेंस पैदा हो गया है. VCK और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने विजय को पहले सपोर्ट देने का ऐलान किया, फिर अपने पैर खींच लिए. ऐसे में TVK सरकार बनाने के लिए जरूरी 118 विधायक नहीं जोड़ पा रही है. राज्यपाल ने 118 विधायकों के साइन किए हुए लेटर के बेसिस पर ही सरकार बनाने की मंजूरी देने की बात कह दी है.

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TVK चीफ थलपति विजय को शनिवार 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेनी थी. अब पता चला है कि राज्यपाल को अभी तक दो पार्टियों के सपोर्ट लेटर नहीं मिले हैं. इसलिए उनकी तरफ से शपथ ग्रहण का दिन और टाइम तय नहीं है.

नंबर गेम समझिए

  • इलेक्शन में विजय की पार्टी TVK को 108 सीटें मिली हैं. सरकार बनाने के लिए 118 सीटें चाहिए. गठबंधन के लिए विजय ने कांग्रेस से बात की थी.
  • कांग्रेस ने 5 सीटें जीती हैं और समर्थन के लिए तैयार भी है. यानी कांग्रेस का साथ पाकर तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के नंबर 113 हो जाते हैं.
  • चूंकि, विजय ने दो सीटें जीती हैं. इसलिए एक सीट उन्हें छोड़नी होगी. यानी नंबर 112 हो गए.
  • शुक्रवार को पहले थलपति विजय की पार्टी को 3 और दलों ने समर्थन देने का ऐलान किया. इनके नाम विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया-मार्क्सवादी (CPIM) है. इन तीनों ने 2-2 सीटें जीती हैं. यानी 112+6=118 होते हैं.
  • इसके बाद IUML ने भी बिना शर्त समर्थन की बात कही थी. इस हिसाब से विजय की पार्टी के पास 121 विधायक हो जा रहे थे. ये बहुमत से ज्यादा है.

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फिर कैसे फंसा पेच?

देर शाम थलपति विजय ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात करके सरकार बनाने का दावा पेश किया. राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने की मंजूरी भी दी थी. लेकिन, VCK और IUML ने पेच फंसा दिया. सूत्रों के मुताबिक, राज्यपाल को अब तक VCK के सपोर्ट वाला लेटर नहीं मिला है. वहीं, IUML ने ऐन वक्त पर पलटी मारते हुए कह दिया कि वो DMK के साथ हैं.

VCK और IUML की क्या है शर्त?

सूत्रों के मुताबिक, VCK ने TVK को सपोर्ट करने के बदले डिप्टी CM और एक मंत्री पद मांगा है. जबकि, थलपति विजय ने VCK को अर्बन विभाग देने की पेशकश की थी. बताया गया कि डील को लेकर कोई स्पष्टता नहीं होने के कारण VCK ने राज्यपाल को सपोर्ट लेटर फिलहाल नहीं भेजा है. वहीं, IUML ने भी एक कैबिनेट मंत्री का पद मांगा है. बात नहीं बनने के कारण पाला बदला गया है.

राज्यपाल ने सरकार बनाने का न्योता लिया वापस

इस हिसाब से विजय के पास अभी 116 विधायकों के ही साइन वाला लेटर है, जो उन्होंने राज्यपाल को दिया. अब अगर सुबह तक विजय इन पार्टियों का सपोर्ट लेटर राज्यपाल को सौंप देते हैं, तो वो CM की शपथ ले सकेंगे

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TVK को समर्थन देने के लिए कैसे राजी हुई CPI?

थलपति विजय की पार्टी को समर्थन देने के लिए कांग्रेस ने CPI को राजी कराया. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने CPI के जनरल सेक्रेटरी डी राजा से बात की. उनसे तमिलनाडु में सेक्युलर सरकार बनाने के लिए TVK को सपोर्ट करने की अपील की. रिपोर्ट के मुताबिक खरगे ने गुरुवार को राजा को फोन करके इस बात पर जोर दिया कि CPI को जल्दी फैसला लेना चाहिए, ताकि BJP को पिछले दरवाजे से सत्ता हथियाने का मौका न मिले. इसके बाद डी राजा ने बाकी सहयोगियों को राजी कराया.

TVK ने किए हैं बड़े चुनावी वादे

  • TVK ने अपने घोषणा पत्र में महिला सशक्तीकरण, मुफ्त सुविधाएं, रोजगार और बेहतर शिक्षा पर मुख्य रूप से फोकस किया.
  • TVK ने महिला मुखिया (60 वर्ष से कम उम्र) को हर महीने ₹2,500 की आर्थिक सहायता और साल में 6 मुफ्त LPG सिलेंडर देने का वादा किया है.
  • TVK ने शिक्षित युवाओं को ₹4,000 मासिक बेरोजगारी भत्ता और 5 लाख नई नौकरियां देने का वादा है. साथ ही, ₹20 लाख तक का ब्याज मुक्त शिक्षा लोन भी उपलब्ध कराया जाएगा.
  • TVK ने हर घर को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा किया.
  • प्रत्येक परिवार को ₹25 लाख का स्वास्थ्य बीमा और गरीब दुल्हनों को 8 ग्राम सोना व रेशमी साड़ी देने का वादा किया गया था.
  • किसानों के कृषि ऋण का 50% हिस्सा माफ करने, गन्ने का समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाने, और मछुआरों को ₹27,000 की वित्तीय सहायता देने का संकल्प लिया गया.
  • विजय की पार्टी ने इसके साथ ही सरकारी योजनाओं की डोरस्टेप डिलीवरी (घर तक पहुंच), भ्रष्टाचार मुक्त शासन और AI बेस्ड गवर्नेंस लागू करने पर जोर दिया है.

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