नई दिल्ली: तमिलनाडु के पुडुकोट्टई में रविवार को आयोजित जल्लीकट्टू में सबसे ज्यादा संख्या में सांडों को मैदान में उतारने से इसका नाम विश्व रिकॉर्ड में दर्ज हो गया है. तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री सी विजयभास्कर के समन्वय से वीरालिमलाई में सांडों को काबू करने वाले इस खेल में 1,354 सांडों को शामिल किया गया. 424 लोग इन सांडों पर काबू पाने का प्रयास कर रहे थे. जिला पुलिस के अनुसार इस आयोजन में दो लोगों की मौत हो गई जबकि 31 अन्य घायल हो गए. वर्ल्डकिंग्स वर्ल्ड रिकॉर्ड यूनियन के प्रतिनिधि ने बताया कि भाग लेने वाले सांडों की संख्या 1,354 थी जो पहले के रिकॉर्ड दो साल पहले हुए खेल में 647 सांडों के मुकाबले दोगुनी है.

तमिलनाडु में 15 जनवरी से शुरू हुए पोंगल महोत्सव के दौरान गुरुवार को राज्य के विभिन्न हिस्से में आयोजित जलीकट्टू के दौरान यहां के निकट दिल का दौरा पड़ने के कारण एक दर्शक की मौत हो गई थी और बैलों को काबू करने वाले 40 से अधिक व्यक्ति घायल हो गए थे. पुलिस ने बताया कि खेल के एक लोकप्रिय आयोजन स्थल अलंगनल्लुर के भीड़भाड़ वाले गांव में दर्शक दीर्घा में बेठे दिल का दौरा पड़ने के कारण 45 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई थी.

समारोह में कुल 729 बैलों का इस्तेमाल किया गया. समारोह देखने के लिए विदेश से भी पर्यटक आए थे. करीब 1500 पुलिसकर्मी सतर्कता बनाए हुये थे. उन्होंने बताया कि पहली बार आयोजनस्थल पर भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के एक टीम को भी तैनात किया गया था. तमिलनाडु के मंत्री आरपी उदयकुमार ने समारोह का उद्घाटन किया था. बैलों को काबू करने वाले और विजेता बैलों के मालिकों को लाखों रुपये का ईनाम दिया गया. इसके अलावा अवरांगंदु (तिरूचिरापल्ली में), पुदुकोट्टई, करूर और डिंडीगुल सहित कई जगहों पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. इसके अलावा कई गांवों में बैलगाड़ी रैलियों जैसे अन्य ग्रामीण खेल कार्यक्रमों का आयोजन किया गया.

(इनपुट एजेंसियां)