नई दिल्ली: तमिलनाडु सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने के लिये सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक ने द्रमुक अध्यक्ष एम. के. स्टालिन पर निशाना साधा और कहा कि वह हताशा में आकर इस तरह के आरोप लगा रहे हैं.Also Read - Chennai Rains Latest Update: चेन्नई में 2015 के बाद से सबसे अधिक बारिश, 4 जिलों के स्कूलों, कॉलेजों में दो दिन की छुट्टी; IMD ने जारी किया Red Alert

अन्नाद्रमुक के मुखपत्र ‘नमातू पुरात्ची तलैवी अम्मा’ में द्रमुक के खिलाफ इससे पहले के भ्रष्टाचार के आरोपों जैसे 2 जी स्पेक्ट्रम आवंटन का जिक्र किया गया. इसमें मुख्यमंत्री पलानीस्वामी के पैतृक जिला सलेम से मंगलवार को अपनी पार्टी के प्रदर्शन की अगुवाई को लेकर स्टालिन पर चुटकी भी ली गयी. इसके अनुसार पलानीस्वामी और उपमुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम अन्नाद्रमुक के शासन में तमिलनाडु में नयी जागृति ला रहे हैं. Also Read - Tamil Nadu: मर्डर केस के आरोपी डीएमके सांसद TRVS रमेश ने कोर्ट में किया सरेंडर

इसमें आरोप लगाया गया कि दिसंबर 2016 में पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता के निधन के बाद जिन लोगों ने सरकार गिराने का सपना देखा और पार्टी में विभाजन किया वे हताश हैं कि उनके सपने सच नहीं हुए. अन्नाद्रमुक के मुखपत्र में लिखा है, ‘‘स्टालिन बड़े जोर शोर से यह प्रयास कर रहे हैं कि किस तरह से इस सरकार को गिराया जाये और वह मुख्यमंत्री बनें.’’ Also Read - Tamil Nadu: मंदिरों में गैर ब्राम्‍हण पुजारी नियुक्‍त किए, DMK सरकार ने पूरा किया चुनावी वादा

बता दें कि तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और कद्दावर नेता रहे करुणानिधि के निधन के बाद उनके बेटे एम.के.स्टालिन को निर्विरोध पार्टी का अध्यक्ष चुन गया था. डीएमके पार्टी प्रमुख के पद के लिए 26 अगस्त को नामांकन भरने वाले स्टालिन एकमात्र उम्मीदवार थे.

पार्टी अध्यक्ष और पिता एम. करुणानिधि की मृत्यु के तीन सप्ताह बाद 65 वर्षीय स्टालिन को द्रमुक प्रमुख चुना गया था. करुणानिधि का सात अगस्त को निधन हो गया था. हालांकि स्टालिन के बड़े भाई और द्रमुक से निष्कासित नेता एम. के. अलागिरी ने धमकी दी थी कि यदि उन्हें पार्टी में वापस नहीं लिया गया तो इसके अंजाम सही नहीं होंगे.

(इनपुट: एजेंसी)