चेन्नई: राज्यपाल को उनके अधिकारों का इस्तेमाल करने से रोकने के किसी भी प्रयास के खिलाफ कैद की सजा के प्रावधान की बात करने पर द्रमुक ने राजभवन की निंदा की है और कहा कि वह तमिलनाडु की स्वायत्तता को बचाने के लिए संघर्ष करती रहेगी. द्रमुक के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन ने राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी पार्टी राजभवन द्वारा कल बयान में दी गई चेतावनी से झुकेगी नहीं, जिसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 124 के इस्तेमाल की बात कही गई है. Also Read - VIDEO: कई दलों के सांसदों ने राज्‍यों को GST के भुगतान के लिए गांधी प्रतिमा के सामने किया प्रदर्शन

स्टालिन ने रविवार रात एक बयान में कहा, ‘‘राजभवन के बयान और राज्यपाल की मैं कड़ी निंदा करता हूं. वह द्रमुक के नाम पर सीधे राजनीति करने का प्रयास कर रहे हैं. पार्टी जिम्मेदारी से भागने की कोशिश नहीं करेगी और इस तरह की खोखली धमकी से उसे डराया – धमकाया नहीं जा सकेगा.’’ Also Read - डीएमके सहित कई दलों ने की 'नीट परीक्षा 2020' को रद्द करने की मांग, पार्टी नेताओं ने संसद परिसर में दिया धरना

राजभवन ने कड़े शब्दों का बयान जारी किया था जिसमें पुरोहित के जिलों के दौरों के खिलाफ द्रमुक के लगातार जारी प्रदर्शन और शनिवार को पार्टी द्वारा राजभवन की घेराबंदी आंदोलन पर आपत्ति जताई गई थी. Also Read - PM Kisan Samman Nidhi Yojana में हुआ 110 करोड़ रुपये के घोटाले का पर्दाफाश, ऐसे चल रहा था खेल

राजभवन ने कहा था कि राज्यपाल को अधिकारियों से बातचीत करने की निर्बाध स्वतंत्रता प्राप्त है. इसमें राज्यपाल को उनकी कानूनी शक्तियों का इस्तेमाल करने से रोकने वालों को सात वर्ष कारावास की सजा के कानूनी प्रावधानों का भी जिक्र किया गया था.