गुवाहाटी: कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने हाल ही में दिवंगत हुए तरुण गोगोई (Tarun Gogoi) को अपना गुरु बताया है. राहुल गांधी ने ये भी कहा कि मुझे अपने बेटे गौरव गोगोई की तरह मानते थे. वयोवृद्ध कांग्रेस नेता और तीन बार (2001-2016) असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई का लंबी बीमारी के बाद सोमवार शाम को गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच) में निधन हो गया था. वह 84 वर्ष के थे. Also Read - राहुल गांधी ने किसानों को उकसाया, कांग्रेस देश में अशांति चाहती है: केंद्र सरकार

राहुल ने कहा कि, “तरुण गोगोई एक राष्ट्रीय नेता थे. उन्होंने असम के लोगों को एक साथ लिया, राज्य में शांति स्थापित की और असम का चेहरा बदल दिया.” उन्होंने मीडिया को बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री को असम (Assam) की जटिलता का ज्ञान था. राहुल ने कहा कि, “गोगोई पार्टी (Congress) के स्तंभ थे और यह हमारे लिए बहुत दुखद दिन है. उनका निधन मेरे लिए एक महान ‘व्यक्तिगत क्षति’ है. जब मैंने उनसे बात की, तो मुझे लगा कि मैं हमेशा असम के साथ बात कर रहा हूं.” एक विशेष उड़ान पर गुवाहाटी पहुंचने के बाद, गांधी सीधे कलाक्षेत्र गए और गोगोई को श्रद्धांजलि अर्पित की. Also Read - प्रज्ञा ठाकुर ने कहा- जिस राहुल गांधी पर सब हँसते हैं, उसकी अम्मा उसे PM बनाने का सपना देखती है

राहुल गांधी ने कहा, “जब मैं पहली बार असम आया था, तब मैं युवा था और मुझे लगता था कि मैं सब कुछ जानता हूं. तब मैं गोगोई जी के साथ बैठा, जिन्होंने मुझे विनम्रता दी. वह एक ऐसे गुरु थे जो अपने छात्रों को राजनीति की कला सिखाते थे.” कांग्रेस नेता ने कहा, “जब भी मैं असम आया, मैं उसके साथ घंटों बैठा रहा. गोगोई जी ने कभी भी एक मिनट के लिए अपने बारे में बात नहीं की. वह केवल असम और वहां के लोगों के बारे में बात करते थे. उनके पास राज्य के लिए बेहतरीन विचार थे.” Also Read - Padma Bhushan Award List: रामविलास पासवान और तरुण गोगोई को मरणोपरांत मिला पद्म भूषण अवॉर्ड, यहां देखें पूरी लिस्ट

बता दें कि असम के पूर्व मुख्यमंत्री ने कोविड -19 की वजह से 2 नवंबर से चल रहे उपचार के बाद सोमवार को जीएमसीएच में अंतिम सांस ली. वह मृत्यु के समय जोरहाट जिले के टीताबर विधानसभा क्षेत्र से मौजूदा विधायक थे.