मुंबई: टाटा समूहने शनिवार को कोरोना वायरस महामारी का मुकाबला करने के लिए 1,500 करोड़ रुपये की सहायता देने का संकल्प घोषित किया. टाटा समूह की कंपनियों की होल्डिंग फर्म टाटा संस ने कोविड-19 महामारी को रोकने और उससे संबंधित गतिविधियों के लिए 1000 करोड़ रुपये की सहायता देने की घोषणा की, जबकि इससे पहले टाटा ट्रस्ट ने 500 करोड़ रुपये देने का वचन दिया था. Also Read - महाराष्‍ट्र में कोरोना से आज 85 मौतें के साथ अब तक करीब 2000 मृत, कुल 60 हजार पॉजिटिव केस

टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने एक बयान में कहा कि समूह जरूरी वेंटिलेटरों का इंतजाम भी कर रहा है और जल्द ही भारत में भी इसका निर्माण करने की तैयारी कर रहा है. उन्होंने कहा, ‘‘भारत और दुनिया के अन्य हिस्सों में कोविड-19 के प्रकोप से मौजूदा स्थिति बेहद चिंताजनक है और इसके लिए हमारी तरफ से बहुत बड़े स्तर की कार्रवाई की आवश्यकता है.’’ Also Read - ICC Meeting: टी20 विश्‍व कप 2020 के भविष्‍य को लेकर फैसला 10 जून तक स्‍थगित

कोविड-19 महामारी को रोकने और इससे संबंधित गतिविधियों के लिए 1,000 करोड़ रुपये की सहायता की घोषणा करते हुए चंद्रशेखरन ने कहा, “हम टाटा ट्रस्ट और हमारे एमेरिटस अध्यक्ष टाटा के साथ मिलकर काम करेंगे और पूरी तरह से उनकी पहल का समर्थन करेंगे.’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘टाटा ट्रस्ट की पहलों के अलावा हम आवश्यक वेंटिलेटर भी ला रहे हैं और भारत में भी इनका जल्द निर्माण करेंगे. देश एक अभूतपूर्व स्थिति और संकट का सामना कर रहा है. हम सभी को जो जरूरी हो, वह करना होगा.’’ Also Read - Coronavirus Effect: अब इस राज्य में पोस्टमैन घर-घर पहुंचाएंगे आम और लीची, जानें क्या है सरकार की प्लानिंग

इससे पहले कॉरपोरेट दिलेरी का एक सबसे बड़ा नमूना पेश करते हुए टाटा ट्रस्ट ने शनिवार को कोविड-19 से लड़ाई के लिए 500 करोड़ रुपये की घोषणा की. टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन रतन एन. टाटा ने कहा कि भारत और दुनिया में वर्तमान हालात गंभीर चिंता के विषय हैं और तत्काल कार्रवाई की जरूरत है.

रतन टाटा ने कहा, “इस अत्यंत कठिन समय में मैं मानता हूं कि मानव जाति के सामने खड़ी एक सबसे कठिन चुनौती कोविड-19 संकट से लड़ने की जरूरतों को पूरा करने के लिए तत्काल आपात संसाधनों को लगाने की जरूरत है.” उन्होंने इस वायरस के खिलाफ लड़ाई के लिए 500 करोड़ रुपये की घोषणा के साथ सभी प्रभावित समुदायों को बचाने और सशक्त करने का संकल्प लिया.

इस राशि का उपयोग अग्रिम मोर्चे पर खड़े चिकित्साकर्मियों की रक्षा के लिए निजी उपकरण, इलाजरत मामलों के लिए रेस्पायरेटरी सिस्टम्स, पर कैपिटा जांच की संख्या बढ़ाने के लिए टेस्टिंग किट्स, संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए मॉडुलर ट्रीटमेंट फैसिलिटी स्थापित करने, स्वास्थ्यकर्मियों व आम नागरिकों के ज्ञान प्रबंधन व प्रशिक्षण के लिए किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि टाटा ट्रस्ट, टाटा संस और टाटा ग्रुप ऑफ कंपनीज ने इस संकट से निपटने के लिए प्रतिबद्ध स्थानीय और वैश्विक साझेदारों तथा सरकार के साथ मिलकर एक संयुक्त सार्वजनिक स्वास्थ्य सहकारिता मंच बनाया है, जो वंचित और कमजोर तबके के लोगों तक पहुंचने की कोशिश करेगा.

टाटा ने एक बयान में कहा है, “हम सदस्य संगठनों के उस हर व्यक्ति के प्रति अत्यंत आभारी हैं और उनके प्रति अपार आदर रखते हैं, जिन्होंने इस महामारी से लड़ने के लिए अपनी जिंदगी और सुरक्षा को जोखिम में डाल दिया है.”

(इनपुट ऐजेंसी)