नई दिल्ली: आयकर विभाग ने गुरुवार को कहा कि उसने बहुजन समाज पार्टी प्रमुख व यूपी की पूर्व सीएम मायावती के भाई और उनकी पत्नी की नोएडा में 400 करोड़ रुपए की बेनामी संपत्ति कुर्क की है. इनकम टैक्‍स विभाग ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती के भाई और भाभी का नोएडा में स्थित 400 करोड़ रुपए का बेनामी व्यावसायिक भूखंड जब्त किया है. एक आधिकारिक आदेश में इसकी जानकारी दी गई है.

दिल्ली स्थित बेनामी निषेध इकाई (बीपीयू) ने 16 जुलाई को नोएडा की इस सात एकड़ की व्यावसायिक संपत्ति को जब्त करने का अस्थायी आदेश जारी किया था. इस भूखंड का लाभप्रद मालिकाना हक बसपा प्रमुख मायावती के भाई आनंद कुमार और उनकी पत्नी विचित्र लता के पास है. बता दें कि आनंद कुमार वर्तमान में बसपा उपाध्यक्ष और उनके बेटे आकाश आनंद पार्टी के राष्ट्रीय समन्वयक हैं.

5 स्‍टार होटल और आलीशान सुविधाएं  विकसित करने का था प्‍लान 
मायावती ने हाल ही में अपने भाई आनंद कुमार को बीएसपी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया था. बेनामी संपत्तियां वे हैं, जिन्हें वास्तविक लाभार्थी के बजाय किसी अन्य के नाम पर खरीदा गया. व्यावसायिक भूखंड जिस पर कि पांच सितारा होटल के निर्माण और अन्य आलीशान सुविधाओं को विकसित किए जाने की योजना थी, नोएडा के सेक्टर 94 में संख्या 2ए पर पंजीकृत है. नोएडा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का हिस्सा है.

1,300 करोड़ के मालिक हैं मायावती के भाई और भाभी की संपत्ति
आनंद कुमार और उनकी पत्नी की कुल संपत्ति लगभग 1,300 करोड़ रुपए की है. अधिकारी ने खुलासा किया कि आनंद कुमार लगभग 12 कंपनियों के मालिक हैं और उनके पास लगभग 440 करोड़ रुपए की नकदी और 870 करोड़ रुपए की संपत्ति हैं.

2007 से 2012 के बीच तेजी से बढ़ी संपत्ति
आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आनंद कुमार और उनकी पत्नी की संपत्ति 2007 से 2012 के बीच तेजी से बढ़ी थी. मायावती इस दौरान उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री थीं.

2017 से आईटी की नजर थी आनंद कुमार पर
पार्टी में पद संभाल रहे आनंद कुमार एक उद्योगपति हैं और वे यूपी में 2017 में हुए विधानसभा चुनावों से पहले इनकम टैक्‍स विभग की नजर में थे. विधानसभा चुनावों के बाद प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी थी.

7 एकड़ में फैली है बेशकीमती संपत्ति
आदेश के अनुसार विभाग जब्त की गई सम्पत्ति को कुमार और उनकी पत्नी की ‘बेनामी’ संपत्ति माना गया है जो 28,328.07 वर्ग मीटर अथवा लगभग सात एकड़ में फैली है. इसमें कहा गया है कि जब्त की गई सम्पत्ति की कीमत 400 करोड़ रुपए है.

6 फर्मों के जरिए खेला गया था खेल
जांच के निष्कर्षों के अनुसार, कर विभाग ने कम से कम छह फर्मों द्वारा “शेयरधारिता के जटिल ताने-बाने” का पता लगाया, जिसमें डमी कंपनियां भी शामिल थीं, जो ‘बेनामीदार’ या ऐसी संस्थाएं थीं, जिनके नाम पर ‘बेनामी’ संपत्ति है.

बेनामी संपत्‍त‍ि इन कंपनियों के नाम पर थी
इस क्रम में बेनामीदार के रूप में जिन कंपनियों की पहचान की गई है, उनमें विजन टाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड, बीपीटीपी इंटरनेशनल ट्रेड सेंटर प्राइवेट लिमिटेड, यूरो एशिया मर्केंटाइल प्राइवेट लिमिटेड, सनी कास्ट एंड फोर्ज प्राइवेट लिमिटेड, करिश्मा इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड और एड-फिन कैपिटल सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं. विभाग ने आरोप लगाया कि इन कंपनियों के जरिए किए गए बहुस्तरीय ‘बेनामी’ लेन-देन के आनंद कुमार और विचित्र लता एकमात्र लाभार्थी हैं. बेनामी निषेध कानून के तहत परिभाषित संपत्ति के स्वामित्व के लिए कुमार और उनकी पत्नी पर वास्तव में धन के भुगतान का आरोप लगाया गया है.

दिल्ली के हवाला एंट्री ऑपरेटरों की सेवा
इनकम टैक्‍स विभाग की जांच के अनुसार, अवैध रूप से पैसा लगाने वाले दिल्ली के हवाला एंट्री ऑपरेटरों की सेवाओं का इस्तेमाल करने के बाद यह संपत्ति खरीदी गई थी. विभाग ने यह माना है कि इन कंपनियों के “धन का स्रोत” आयकर अधिनियम, 1961 की धाराओं के तहत “काल्पनिक” और “अस्पष्ट नकदी ऋण” है. देश में 1988 में बने और नवंबर 2016 से लागू बेनामी निरोधक अधिनियम का उल्लंघन करने वाले को सात साल तक के कठोर कारावास और ‘बेनामी’ सम्पत्ति के बाजार मूल्य का 25 प्रतिशत जुर्माने के तौर पर भी देना पड़ सकता है.

21 सरकारी चीनी मिलें बेचने और स्मृति स्थल को लेकर जांच में
आयकर विभाग ने कार्रवाई तब की है जब अपने कार्यकाल के दौरान 21 सरकारी चीनी मिलें बेचने और स्मृति स्थल बनाने के मामले में मायावती को सीबीआई की जांच का सामना करना पड़ रहा है.

मायावती के करीबी पूर्व सीएस नेतराम भी पर भी छापामारी हुई थी
पिछले सप्ताह सीबीआई ने चीनी मिल मामले में राज्य में कई पूर्व और वर्तमान आईएएस अधिकारियों के परिसरों पर छापेमारी की थी. इन अधिकारियों में पूर्व मुख्य सचिव नेतराम भी हैं, जिन्हें मायावती का करीबी माना जाता है.

100 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी के दायरे में नेतराम
इसी साल 12 मार्च को लोकसभा चुनाव से ठीक पहले आयकर विभाग ने 100 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी के संदेह में नेतराम के दर्जनभर से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की थी. (इनपुट: भाषा- आईएएनएस)