पणजी: हाल ही में उत्तरी गोवा के पारा गांव में पंचायत ने बगैर किसी सरकारी सलाह मशवरे के यहां आने वाले पर्यटकों से फोटो खींचने के लिए टैक्स वसूलने का फैसला लिया था. यह पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व रक्षामंत्री दिवंगत मनोहर पार्रिकर का पैतृक गांव है. हालांकि अब यहां पर्यटकों के लिए फोटोग्राफी पर लगाए गए इस विवादास्पद टैक्स को हटा लिया गया है. Also Read - Political Crisis in Rajasthan Update: भाजपा में शामिल होेने के सवाल पर पहली बार बोले सचिन पायलट, कही ये बात

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पारा अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर है, यहां शाहरुख खान अभिनीत फिल्म ‘डियर जिंदगी’ सहित कई और बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है. 100 रुपये से 500 रुपये तक के कर लगाने के इस फैसले पर गोवा में विवाद उत्पन्न हो गया था, यह उस वक्त शुरू हुआ जब यहां के ही एक निवासी ने पंचायत के कर घोषणा करने की एक तस्वीर और पर्यटकों से कर वसूल किए जाने के एक वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड किया था. Also Read - डिप्टी सीएम पद से हटाए गए सचिन पायलट, अशोक गहलोत बोले- उनके हाथ में कुछ भी नहीं है, मजबूरी में करना पड़ा फैसला

मनोहर पर्रिकर के पैतृक गांव में तस्वीर लेने पर लग रहा टैक्स, सरकार ने कहा इसकी जांच होगी

बुधवार को पारा ग्राम पंचायत के सरपंच डेलिलाह लोबो ने कहा कि नारियल के पेड़ से घिरे खूबसूरत सड़कों के साथ फोटो व सेल्फी लेने वालों पर ‘स्वच्छता टैक्स’ लगाने का निर्णय राजस्व कमाने के लिए नहीं लिया गया था, बल्कि संकरी सड़कों पर पर्यटकों को भीड़ एकत्रित करने से रोकने के लिए ऐसा किया गया था जिससे ट्रैफिक जाम लगने की स्थिति पैदा हो जाती है और कचरे भी इधर-उधर फेंक दिए जाते हैं.

लोबो ने आगे कहा कि हमें फिलहाल के लिए इस टैक्स को हटाना पड़ा है. इस कर के चलते यात्रा और पर्यटन उद्योग के हित धारकों को भी परेशानी हुई थी, जिन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त की थी कि अब इस तरह के कर का अनुकरण दूसरे गांवों में भी किया जा सकता है, जिससे पर्यटकों की उन क्षेत्रों में भी आवाजाही बाधित होगी.

(इनपुट-आईएएनएस)