नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि वह दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी मां सोनिया गांधी की अपीलों पर अगस्त में सुनवाई करेगा. हाईकोर्ट ने नेशनल हेराल्ड मामले के संबंध में 2011-12 के लिए उनके आयकर के पुन: आकलन की अनुमति दी थी. न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की पीठ ने याचिकाकर्ताओं को आईटी कानून के तहत यंग इंडियन के पंजीकरण को पूर्व तिथि से रद्द करने को चुनौती देने वाली लंबित अपीलों पर तेजी से सुनवाई के लिए दिल्ली आयकर अपील अधिकरण (आईटीएटी) के पास जाने की इजाजत दी.

पीठ ने अपने आदेश में कहा, ”इन अपीलों को सुनवाई के लिए 19 अगस्त से शुरू हो रहे सप्ताह में सूचीबद्ध करें. हम याचिकाकर्ताओं को त्वरित सुनवाई और अपील के अंतिम निस्तारण के लिए आईटीएटी के पास जाने की अनुमति देते हैं.” कर का मामला नेशनल हेराल्ड से जुड़ा हुआ है, जिसमें कांग्रेस के अन्य नेता भी आपराधिक कार्यवाही का सामना कर रहे हैं.

राहुल और सोनिया गांधी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ऑस्कर फर्नांडिस ने दिल्ली हाईकोर्ट के 10 सितंबर के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. हाईकोर्ट ने 2011-12 के लिए उनके कर के पुन: आकलन के खिलाफ उनकी याचिका खारिज कर दी थी. मंगलवार को सुनवाई के दौरान पीठ ने शुरुआत में कहा कि वह आईटीएटी से इस मामले में उसके समक्ष लंबित कार्यवाही को तेजी से करने के लिए कह सकती है.

पीठ ने कहा, आपने अधिकरण के समक्ष पंजीकरण रद्द करने को चुनौती दी है. हमें थोड़ी परेशानी हो सकती है अगर हम कहें कि रद्द करना गड़बड़ था. अत: आईटीएटी के आदेश का इंतजार करना उचित प्रक्रिया होगी. हमें तब अधिकरण के आदेश का फायदा होगा.

इस पर याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील पी चिदंबरम और कपिल सिब्बल ने कहा, हां, यह उचित होगा. वहीं, आयकर विभाग की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल संजय जैन ने कहा कि आईटीएटी के समक्ष लंबित कार्यवाही उच्चतम न्यायालय के पास आई अपीलों से अलग है.

जैन ने कहा, इन अपीलों पर सुनवाई को आईटीएटी के आदेश से नहीं जोड़ा जाना चाहिए. पीठ ने जैन से कहा, अत: सावधानीपूर्वक हमने नहीं कहा कि इस मामले को आईटीएटी के फैसले के बाद सूचीबद्ध करें. कर का मामला नेशनल हेराल्ड से जुड़ा हुआ है, जिसमें कांग्रेस के अन्य नेता भी आपराधिक कार्यवाही का सामना कर रहे हैं.