नई दिल्ली: सत्ता पक्ष और विपक्षी पार्टियों के बीच गतिरोध के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुक्रवार को लगातार 15वें दिन नहीं चली, लेकिन संसद पहुंचे अलग-अलग दलों के सांसदों के विरोध का अनोखा नजारा दिखा. अपनी मांगों के लिए इन सांसदों ने विरोध का अलग-अलग तरीका अपनाया.

टीडीपी
आंध्र प्रदेश के लिए विशेष राज्य का दर्जा की मांग कर रहे तेलुगुदेशम पार्टी के सांसद पट्टियां लेकर संसद भवन पहुंचे थे. शरीर पर पीले रंग के अंगवस्त्रम के साथ उन्होंने पीले रंग की पट्टियां ले रखी थीं.

पार्टी सांसदों ने संसद भवन के बाहर तो प्रदर्शन किया ही, राज्यसभा में वे पट्टियों के साथ सभापति के आसन तक पहुंच गए.

हालांकि, विरोध का सबसे नायाब तरीका पार्टी के सांसद नरमल्ली शिवप्रसाद ने अपनाया. वे चरवाहा का वेष बनाकर संसद आए थे. शिवप्रसाद इससे पहले महिला और स्कूली छात्र बनकर भी संसद आ चुके हैं.

वाईएसआर कांग्रेस
आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने के मुद्दे पर ही वाईएसआर कांग्रेस के सांसदों ने भी संसद में विरोध जताया, लेकिन उनका तरीका अलग था. इसके सांसद संसद भवन में लगी महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने तख्तियां लेकर खड़े हुए.

कांग्रेस
राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को एससी-एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले का विरोध करते हुए प्रदर्शन किया. वे सरकार द्वारा रिव्यू पिटीशन दाखिल किए जाने की मांग कर रहे थे. पार्टी के सांसदों के हाथों में तख्तियां नहीं थीं, लेकिन उन्होंने संसद भवन में गांधी की प्रतिमा की सामने प्रदर्शन किया.