अमरावती (आंध्र प्रदेश): आंध प्रदेश की तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के चार राज्यसभा सदस्यों के बीजेपी में शामिल होने के बाद पार्टी प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार को कहा कि इस तरह का संकट उनकी पार्टी के लिए नई बात नहीं है. बता दें कि छह सदस्यों वाली टीडीपी के चार सदस्यों– वाई एस चौधरी, सी एम रमेश, जी मोहन राव, और टी जी वेंकटेश ने अपनी पार्टी का भाजपा में विलय करने के अनुरोध का प्रस्ताव नायडू को सौंपा है. टीडीपी के चार सांसदों के इस फैसले से राज्यसभा में भाजपा का संख्या बल बढ़ेगा, जहां (उच्च सदन में) सत्तारूढ़ राजग को अब तक बहुमत नहीं है. राज्यसभा की कुल सदस्य संख्या 245 है. उच्च सदन में सर्वाधिक 71 सदस्यों के साथ भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है.

भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जे पी नड्डा और राज्यसभा में पार्टी के नेता थावरचंद गहलोत ने भी वेंकैया नायडू से मुलाकात की तथा भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को एक प्रस्ताव सौंपा, जिसमें कहा गया है कि पार्टी को तेदेपा संसदीय दल के भगवा पार्टी में विलय पर कोई आपत्ति नहीं है. टीडीपी के इन चार में से तीन सांसदों ने भाजपा मुख्यालय में नड्डा और गहलोत से मुलाकात की और बीजेपी पार्टी में शामिल हो गए.

टीडीपी पहले से ही भारी संकट से जूझ रही है, जिसमें 25 लोकसभा सीटों में से 22 पर हार हुई है, और 175 विधानसभा सीटों में से 151 जगनमोहन रेड्डी की वाईएसआरसीपी के पास है. नायडू के संगठन में वर्तमान में आठ सांसद हैं, जिनमें से पांच राज्यसभा के सदस्य हैं और शेष लोकसभा के सदस्य हैं.

पार्टी सूत्रों ने कहा कि यूरोप में छुट्टियां मना रहे नायडू ने स्थिति का जायजा लेने के लिए यहां पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं से फोन पर बात की. उन्होंने कहा कि नायडू ने बागी नेताओं के बारे में पूछा और नेताओं से कहा कि इस तरह के संकट टीडीपी के लिए नई बात नहीं है.

सूत्रों ने उनके हवाले से कहा कि टीडीपी राज्य के हितों की सुरक्षा के लिए भाजपा से लड़ रही है. टीडीपी को झटका देते हुए, उसके छह में से चार राज्यसभा सदस्यों ने ऊपरी सदन के सभापति एम वेंकैया नायडू को आवेदन देकर उनका भाजपा में विलय करने का अनुरोध किया. बाद में ये सदस्य नयी दिल्ली में भाजपा में शामिल हुए.