विजयवाड़ा। 2019 में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की पीएम उम्मीदवारी को अभी से झटका लगता दिख रहा है. आंध्रप्रदेश के मंत्री कलावा श्रीनिवासुलु ने रविवार को कहा कि 2019 के चुनावों से पहले अगर संयुक्त मोर्चा का गठन होता है तो टीडीपी कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर स्वीकार नहीं करेगी. श्रीनिवासुलु ने कहा कि टीडीपी का कांग्रेस के साथ कभी समीकरण नहीं रहा और दोनों दल कभी हाथ नहीं मिलाएंगे.

न बीजेपी, न कांग्रेस से पीएम मंजूर

उन्होंने कहा कि हम पूरी तरह आश्वस्त हैं कि प्रधानमंत्री भाजपा या कांग्रेस से नहीं होंगे. अगर कांग्रेस के सहयोग से संयुक्त मोर्चा जैसा कोई वैकल्पिक गठबंधन बनता है तो राहुल गांधी इसके प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नहीं होंगे. कर्नाटक में कांग्रेस-जेडी (एस) गठबंधन के मुख्यमंत्री के तौर पर एच डी कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण समारोह में कई क्षेत्रीय दलों के नेताओं के साथ टीडीपी प्रमुख और आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के मंच साझा करने के बाद उनका यह बयान सामने आया है.

तेलुगूदेशम पार्टी के तीन दिवसीय सालाना सम्मेलन महानाडु के इतर संवाददाताओं के एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनावों के बाद केंद्र में क्षेत्रीय दल बड़ी भूमिका निभाएंगे. टीडीपी निर्णय करेगी कि अगला प्रधानमंत्री कौन बनेगा.

एनडीए से अलग हुए नायडू

बता दें कि हाल ही में कर्नाटक चुनाव के दौरान राहुल ने बयान दिया था कि वह आगामी चुनाव में पीएम उम्मीदवार बनने को तैयार हैं. बीजेपी ने इसे लेकर राहुल को निशाने पर भी लिया था. वहीं, हाल फिलहाल तक टीडीपी एनडीए में शामिल थी, लेकिन चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिए जाने के मुद्दे पर एनडीए और बीजेपी से नाता जोड़ लिया. अब वह बीजेपी के प्रमुख विरोधी के तौर पर सामने आ रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया था कि वह पीएम मोदी से मिलने 29 बार दिल्ली गए लेकिन हर बार उन्हें बैरंग लौटना पड़ा. वहीं, बीजेपी और मोदी सरकार ने साफ कर दिया कि आंध्र को हरसंभव वित्तीय मदद मिल सकती है लेकिन विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिल सकता क्योंकि संविधान में भी ऐसा प्रावधान नहीं है.