विजयवाड़ा: तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) ने मंगलवार को एक नये राजनीतिक प्रस्ताव को मंजूरी दी जिसमें राज्यों के प्रति ‘‘तानाशाही’’ रवैये के लिए मोदी सरकार की आलोचना की गयी है और 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा से लड़ने के लिए क्षेत्रीय दलों को एकजुट करने का संकल्प लिया गया है.

प्रस्ताव में कहा गया, ‘‘ केंद्र राज्यों की वित्तीय दशा कमजोर कर रहा है. मोदी सरकार के एकतरफा तरीके से काम करने की शैली से केंद्र सरकार में राज्यों का विश्वास कम हुआ है. राज्यों को लगता है कि संघवाद की अवधारणा बस कागज पर है.’’

इसमें कहा गया कि नरेंद्र मोदी सरकार का ‘‘तानाशाही’’ रवैया, उसके ‘‘एकतरफा एवं जनविरोधी फैसले, राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए केंद्रीय खुफिया एजेंसियों एवं नियामक एजेंसियों का दुरूपयोग, भारतीय राजनीति में गंभीर चिंता का विषय बन गया है.’’

प्रस्ताव को रविवार से यहां शुरू हुए तेदेपा के तीन दिन के वार्षिक सम्मेलन ‘महानाडू’ में मंजूरी दी गयी. आंध्र प्रदेश के वित्त मंत्री वाई रामकृष्णुडू ने कहा, ‘मोदी सरकार में कोई लोकतांत्रिक व्यवस्था नहीं है. हमने (अटल बिहारी) वाजपेयी और (लालकृष्ण) आडवाणी का सम्मान किया जिन्होंने संविधान का सम्मान किया और उसे संजोकर रखा, लेकिन फिर मोदी – शाह (भाजपा अध्यक्ष अमित शाह) आए और उन्होंने पूरी लोकतांत्रिक व्यवस्था को नष्ट कर दिया.’’

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को क्षेत्रीय दलों का गठबंधन ‘‘सत्ताच्युत’’ कर देगा लेकिन यह नहीं बताया कि गठबंधन के मूर्त रूप लेने की स्थिति में उसकी तरफ से प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार कौन होगा.