नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमला मंदिर में भले ही सभी आयुवर्ग की महिलाओं को प्रवेश करने की अनुमति दे दी हो, लेकिन महिला श्रद्धालु मंदिर की पुरानी परंपरा के ही पालन करने पर तुली हुई हैं. चेन्नई के वेल्लुवर कोट्टम में भगवान अय्यप्पा की महिला भक्तों ने शुक्रवार को मंदिर की परंपरा का पालन करने की शपथ ली. सबरीमला अय्यप्पा सेवा समाजम के तत्त्वाधान में महिला श्रद्धालुओं ने यहां वल्लुवर कोट्टम में ‘चेंदा मेलम’ के साथ एक पूजा समारोह के बाद यह शपथ ली. वहीं दूसरी ओर सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को सुप्रीम कोर्ट के फैसले से नाराज मलयालम एक्टर कोल्लम तुलसी ने विवादित बयान दिया है. Also Read - Kerala Couple Photoshoot Viral: इस कपल के बोल्ड फोटोशूट ने जंगल से लेकर सोशल मीडिया तक मचाई सनसनी, आप भी देखें रोमैंटिक तस्वीरें

तुलसी ने कहा कि सबरीमला में आने वाली महिलाओं के दो टुकड़े कर देने चाहिए, इसका एक टुकड़ा दिल्ली भेज देना चाहिए, जबकि दूसरे को मुख्यमंत्री कार्यालय के बाहर फेंकना चाहिए. एक्टर तुलसी ने शुक्रवार को ये बातें कोच्चि में एक रैली में कही. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ बीजेपी की ओर से ये रैली आयोजित की गई थी. कोल्लम तुलसी ने कहा कि कोर्ट ने भले ही सभी उम्र की महिलाओं को मंदिर में एंट्री की परमिशन दी है, लेकिन मंदिर के पुराने भक्त बिल्कुल नहीं चाहते कि मंदिर की परंपरा तोड़ी जाए. सुप्रीम कोर्ट ने 28 सितंबर को अपने आदेश में सभी उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति दे दी थी. Also Read - सरकार ने पहली बार माना, 'कुछ जिलों में हुआ कोरोना वायरस का सामुदायिक संक्रमण'

केरल में विपक्षी दल भाजपा और कांग्रेस के सदस्यों ने भगवान अय्यप्पा के श्रद्धालुओं के प्रति एकजुटता दिखाते हुए शुक्रवार को प्रदर्शन किया. इसी बीच माकपा नेतृत्व वाले एलडीएफ की प्रमुख समर्थक भाकपा ने कहा कि सबरीमला पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का ‘राजनीतिकरण’ करने की कोशिश की जा रही है. भाजपा ने कहा कि प्रदर्शन केरल तक सीमित नहीं रहेगा और इसे दक्षिण भारत के अन्य राज्यों तक ले जाया जाएगा. Also Read - Post-Wedding Hot Photoshoot : घने जंगल में कपल ने चादर लपेटकर कराया 'वाइल्ड' पोस्ट-वेडिंग फोटोशूट, Photo Viral

भाकपा के राज्य सचिव कन्नम राजेंद्रन ने कहा, ‘‘एलडीएफ श्रद्धालुओं के खिलाफ नहीं है. सरकार उच्चतम न्यायालय के आदेश को लागू करने को बाध्य है और वह वही कर रही है. उन्होंने कहा, ‘‘मुद्दे का राजनीतिकरण करने की कोशिश की जा रही है. महिलाओं सहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं के एक समूह ने ‘त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड’ के कार्यालय के सामने धरना दिया और ‘‘सबरीमला मंदिर की रक्षा करें’’ के नारे लगाएं. यह बोर्ड मंदिर की देखरेख करता है.